Prince Andrew, जिनका पूरा नाम एंड्र्यू अल्बर्ट क्रिश्चियन एडवर्ड माउंटबेटन-विंडसर है, क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय और प्रिंस फिलिप के तीसरे बच्चे थे। 1960 में पैदा हुए एंड्र्यू को बचपन से ही रॉयल फैमिली का फेवरेट माना जाता था। उन्होंने ब्रिटिश नेवी में सेवा की, फॉकलैंड्स वॉर में हिस्सा लिया और बाद में यूके के ट्रेड एन्वॉय बने (2001-2011)।
लेकिन 2010 के बाद उनका नाम जेफ्री एपस्टीन के साथ जुड़ना शुरू हुआ। एपस्टीन वो अमेरिकी फाइनेंसर थे जिन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोप थे। 2019 में एपस्टीन की जेल में मौत हो गई थी। Prince Andrew ने एपस्टीन से दोस्ती स्वीकार की थी लेकिन हमेशा कहा कि कोई गलत काम नहीं किया। 2022 में वर्जीनिया गिफरे (एक सर्वाइवर) से उन्होंने आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट कर लिया था।
2025 में किंग चार्ल्स ने उनके रॉयल टाइटल्स छीन लिए और उन्हें रॉयल लॉज छोड़ने को कहा। अब वो नॉरफोक के वुड फार्म में रह रहे हैं। ये सब पृष्ठभूमि है जिसके बाद 19 फरवरी 2026 की गिरफ्तारी आई।
19 फरवरी 2026: Prince Andrew की गिरफ्तारी की पूरी टाइमलाइन
सुबह करीब 8 बजे थेम्स वैली पुलिस एंड्र्यू के वुड फार्म पहुंची। पुलिस ने नॉरफोक और बर्कशायर में दो ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। एंड्र्यू को मिसकंडक्ट इन पब्लिक ऑफिस के शक में गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उन्होंने 2001-2011 के बीच यूके सरकार के गोपनीय दस्तावेज (ट्रेड रिपोर्ट्स, अफगानिस्तान इन्वेस्टमेंट ब्रिफिंग आदि) एपस्टीन को पास किए थे।
करीब 11 घंटे बाद शाम को उन्हें रिहा कर दिया गया। पुलिस ने कहा – “इन्वेस्टिगेशन खुला है, हम आगे जांच करेंगे।” ये ब्रिटेन के इतिहास में आधुनिक समय में किसी सीनियर रॉयल की पहली गिरफ्तारी है।
किंग चार्ल्स ने तुरंत बयान दिया – “कानून अपना कोर्स लेगा। हम पुलिस को पूरा सहयोग देंगे।” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा – “ये बहुत शर्मनाक है, रॉयल फैमिली के लिए बहुत बुरा है।” वर्जीनिया गिफरे के परिवार ने कहा – “आखिरकार कोई कानून के ऊपर नहीं है, यहां तक कि रॉयल्टी भी नहीं।”

नये और चौंकाने वाले आरोप: एपस्टीन फाइल्स से क्या निकला?
गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद ही यूके मीडिया (एक्सप्रेस और मिरर) ने एफबीआई डॉक्यूमेंट्स के हवाले से और भी डिस्टर्बिंग दावे किए। एक सर्वाइवर (तब 6-8 साल की लड़की) ने बताया कि 1990 के दशक में उसे फ्रॉगमोर कॉटेज (विंडसर) ले जाया गया। घिस्लेन मैक्सवेल (एपस्टीन की पार्टनर) ने उसे टेबल पर बांधकर इलेक्ट्रिक शॉक्स दिए। लड़की ने कहा – “मैंने प्रिंस एंड्र्यू का चेहरा देखा, वो वहां खड़े देख रहे थे।”
वो लड़की बाद में एक कार से टकराई जिसमें नंबर प्लेट का आखिरी अक्षर “M” था। होश आने पर फिर एंड्र्यू को पास में देखा। ये दावे 2020 के एफबीआई डॉक्यूमेंट्स में दर्ज हैं। एंड्र्यू ने इन सब आरोपों से इनकार किया है।
वैश्विक राजनीतिक अपडेट
भारत से Prince Andrew का कनेक्शन: लॉर्ड माउंटबेटन और पुरानी यादें
अब सबसे दिलचस्प हिस्सा – क्यों भारत में Prince Andrew ट्रेंडिंग है? क्योंकि एंड्र्यू के ग्रेट अंकल लॉर्ड लुई माउंटबेटन भारत के आखिरी वायसराय थे। 1947 में उन्होंने भारत को आजादी दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई (हालांकि विवादों के साथ)।
NDTV की रिपोर्ट में साफ लिखा है कि एंड्र्यू की गिरफ्तारी ने माउंटबेटन पर भी फोकस कर दिया है। किंकोरा बॉयज होम स्कैंडल में माउंटबेटन पर 1970 के दशक में बच्चों के यौन शोषण के आरोप लगे हैं। 2022 में आर्थर स्मिथ ने कोर्ट में कहा कि माउंटबेटन ने उन्हें दो बार मोलेस्ट किया। 2025 में किताब “Kincora, Britain’s Shame” में और दावे किए गए।
इसके अलावा 2012 में UPA सरकार के समय Prince Andrew भारत आए थे। उन्हें फुल रेड कार्पेट वेलकम दिया गया था। अब लोग सोशल मीडिया पर पुरानी तस्वीरें शेयर कर रहे हैं – “तब रेड कार्पेट, आज गिरफ्तारी”। भारतीय यूजर्स को ब्रिटिश राजघराने की हाइपोक्रिसी और औपनिवेशिक इतिहास याद आ रहा है। यही वजह है कि X, Instagram और YouTube पर #PrinceAndrew भारत में टॉप ट्रेंड है।
भारत में रिएक्शन्स: सोशल मीडिया से लेकर पॉलिटिक्स तक
भारतीय मीडिया ने इस खबर को खूब कवर किया है – India Today, NDTV, Times of India, The Hindu, Economic Times सबने लाइव अपडेट्स दिए। कुछ विपक्षी नेता इसे ब्रिटेन की “डबल स्टैंडर्ड” के रूप में पेश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर मेम्स बन रहे हैं – “Prince Andrew का जन्मदिन गिफ्ट – पुलिस वैन”, “एपस्टीन फाइल्स ने राजा का भाई भी नहीं छोड़ा”। युवा पीढ़ी को रॉयल फैमिली की ग्लैमरस इमेज टूटती दिख रही है। कई लोग कह रहे हैं – “अब समझ आया क्यों ब्रिटेन हमेशा मानवाधिकार की लेक्चर देता है”।
कुछ यूजर्स माउंटबेटन को याद करके 1947 का विभाजन और उनके रोल पर चर्चा कर रहे हैं। कुल मिलाकर ये खबर भारत में सिर्फ सनसनी नहीं, बल्कि इतिहास और वर्तमान दोनों को जोड़ रही है।
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