गुजरात के एक अवैध पटाखा गोदाम में हुए भीषण विस्फोट में सात बच्चों समेत 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुआ, जहाँ सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आसपास की कई इमारतें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
विस्फोट की पूरी घटना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे चारों तरफ आग और धुआं फैल गया। कई मजदूर और स्थानीय निवासी इस हादसे की चपेट में आ गए। दमकल विभाग ने आग पर काबू पाने की पूरी कोशिश की, लेकिन नुकसान बहुत अधिक हो चुका था।
मरने वालों और घायलों की स्थिति
इस हादसे में 21 लोगों की जान चली गई, जिनमें सात मासूम बच्चे भी शामिल हैं। कई घायल अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
बनासकांठा के डीसा जीआईडीसी में अवैध रूप से संचालित एक पटाखा फैक्ट्री और गोदाम में लगी भीषण आग ने 21 से अधिक मजदूरों की जान ले ली है, और मृतकों की संख्या में अभी भी वृद्धि की आशंका बनी हुई है।
हमेशा की तरह, इस बार भी मुख्यमंत्री ने महज 4 लाख रुपये का मुआवजा घोषित कर अपनी… pic.twitter.com/Ul1q7xerOw
— Hitendra Pithadiya 🇮🇳 (@HitenPithadiya) April 1, 2025
प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच
स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने गोदाम के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है और यह पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री बिना अनुमति कैसे संचालित हो रही थी। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है।
अवैध पटाखा गोदामों की समस्या
भारत में अवैध पटाखा निर्माण एक गंभीर समस्या बन चुका है। हर साल दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान ऐसे कई गैरकानूनी कारखाने सक्रिय हो जाते हैं, जहां सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जाता। इससे कई बार इस तरह के भयानक हादसे हो जाते हैं।
गुजरात : बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री में बॉयलर फटने से MP के 17 मजदूरों की मौत हुई। पहले बॉयलर फटा, फिर फैक्ट्री में आग लगी। आसपास के खेतों में भी लाश के चीथड़े मिले हैं। ये फैक्ट्री खूबचंद सिंधी की है। इस पर पटाखा बेचने का लाइसेंस था, जबकि यहां पटाखे बनाए भी जा रहे थे। pic.twitter.com/nI3XrMpMFZ
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) April 1, 2025
सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर आक्रोश फैल गया है। ट्विटर और फेसबुक पर #JusticeForVictims जैसे ट्रेंड्स चल रहे हैं। कई लोगों ने प्रशासन की लापरवाही को लेकर कड़ी आलोचना की है।
विशेषज्ञों की राय और संभावित समाधान
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को कड़े कानून लागू करने होंगे और नियमित निरीक्षण की प्रक्रिया को सख्त बनाना होगा। साथ ही, जनता को भी जागरूक होकर इस तरह के गैरकानूनी गोदामों की जानकारी प्रशासन को देनी चाहिए।
निष्कर्ष
यह हादसा हमें एक बार फिर सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर कब तक अवैध पटाखा फैक्ट्रियों की वजह से मासूम लोगों की जान जाती रहेगी। क्या प्रशासन को अब और सख्त कदम उठाने की जरूरत नहीं है? आपकी इस घटना पर क्या राय है? हमें कमेंट सेक्शन में बताएं।