Henley Passport Index India Ranking – फरवरी 2026 में जारी लेटेस्ट रैंकिंग में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। हमने 10 पायदानों की छलांग लगाई है और 75वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इससे पहले हम 85वें स्थान पर थे, और जनवरी 2026 में 80वें पर। यह सुधार भारतीयों के लिए बड़ी खुशखबरी है क्योंकि अब हमारे पासपोर्ट से 56 देशों में वीजा-फ्री या वीजा ऑन अराइवल के साथ यात्रा की जा सकती है।अगर आप ट्रैवल लवर हैं, बिजनेस करते हैं या विदेश घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है।
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स क्या है? सरल व्याख्या
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया के पासपोर्टों की ताकत मापने वाला सबसे विश्वसनीय रैंकिंग सिस्टम है। यह हेनली एंड पार्टनर्स कंपनी द्वारा बनाया जाता है, जो रेसिडेंसी और सिटिजनशिप प्लानिंग में एक्सपर्ट है। रैंकिंग इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के डेटा पर आधारित होती है।
मुख्य पैमाना यह है कि किसी पासपोर्ट से कितने देशों में बिना पहले से वीजा अप्लाई किए यात्रा की जा सकती है। इसमें वीजा-फ्री, वीजा ऑन अराइवल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल अथॉरिटी (eTA) शामिल होते हैं। कुल 227 डेस्टिनेशन्स की गिनती होती है।
2026 की फरवरी रैंकिंग में सिंगापुर पहले स्थान पर है, जहां से 192 देशों में वीजा-फ्री जा सकते हैं। जापान और साउथ कोरिया दूसरे स्थान पर हैं (187 एक्सेस)। भारत का स्कोर अब 56 है, यानी 56 देशों में आसान एंट्री। यह इंडेक्स न सिर्फ ट्रैवल फ्रीडम दिखाता है, बल्कि देश की डिप्लोमेसी, इकोनॉमिक पावर और ग्लोबल इमेज को भी रिफ्लेक्ट करता है।
भारत में यह ट्रेंडिंग क्यों है? क्योंकि 10 रैंक्स की छलांग बड़ी बात है। सोशल मीडिया पर लोग इसे सेलिब्रेट कर रहे हैं, मीम्स शेयर हो रहे हैं और डिबेट चल रही है कि सरकार की विदेश नीति काम कर रही है।
भारत की रैंकिंग में सुधार: 2026 की लेटेस्ट अपडेट
फरवरी 2026 की रैंकिंग में भारत 75वें स्थान पर है, स्कोर 56। पिछले साल 85वें पर थे, जनवरी 2026 में 80वें पर। यह 10 पायदानों का सुधार है। मुख्य वजह भारत की एक्टिव डिप्लोमेसी है। कई देशों के साथ नए एग्रीमेंट हुए हैं, जैसे गैंबिया के साथ नया वीजा-फ्री समझौता, जिससे एक एक्स्ट्रा देश जुड़ा है।
कोविड के बाद ट्रैवल रिकवरी और भारत की बढ़ती इकोनॉमी ने भी मदद की। 2006 में भारत का बेस्ट रैंक 71वां था, लेकिन उसके बाद उतार-चढ़ाव आए। 2024 में 80वें पर, फिर 85वें पर स्लिप, लेकिन अब रिकवरी हो रही है। यह दिखाता है कि भारत ग्लोबली मजबूत हो रहा है।
ट्रेंडिंग होने की वजह सोशल मीडिया है। लोग पोस्ट कर रहे हैं कि “भारत पासपोर्ट अब 75वें पर!”, और यह पॉजिटिव वाइब्स दे रहा है।
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स का इतिहास और भारत की जर्नी
यह इंडेक्स 2006 से चल रहा है, यानी 20 साल हो गए। शुरू में सालाना अपडेट होता था, अब मंथली। भारत की जर्नी इंटरेस्टिंग है। 2006 में 71वें पर बेस्ट पोजिशन। उसके बाद ग्लोबल इवेंट्स जैसे इकोनॉमिक क्राइसिस, टेररिज्म और पेंडेमिक ने असर डाला। 2021 में हम 90वें तक गिर गए थे।
2025 में 85वें पर थे, 2026 की शुरुआत में 80वें, और अब फरवरी में 75वें। यह रिकवरी भारत की बढ़ती ग्लोबल इमेज दिखाती है। लेकिन चुनौतियां बाकी हैं – यूरोप, अमेरिका, कनाडा जैसे देशों में वीजा प्रोसेस अभी भी सख्त।
भारत के पासपोर्ट से वीजा-फ्री जा सकने वाले देश: पूरी लिस्ट
भारतीय पासपोर्ट से अब 56 देशों में वीजा-फ्री, वीजा ऑन अराइवल या eVisa एक्सेस है। यहां रीजन के हिसाब से प्रमुख देश:
एशिया और नेबरहुड:
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भूटान, नेपाल (पूर्ण वीजा-फ्री)
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मालदीव्स, श्रीलंका, इंडोनेशिया, थाईलैंड (वीजा ऑन अराइवल)
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म्यांमार, कंबोडिया, लाओस (eVisa या VOA)
अफ्रीका:
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केन्या, रवांडा, सेनेगल, गैंबिया (नया ऐडेड), मॉरीशस, मोजांबिक, तंजानिया, युगांडा, जाम्बिया, जिम्बाब्वे
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इथियोपिया, मेडागास्कर, मॉरिटानिया
मिडिल ईस्ट:
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ईरान, जॉर्डन (VOA), कतर, UAE (ट्रांजिट या स्पेशल)
कैरिबियन और अमेरिका:
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बारबाडोस, डोमिनिका, ग्रेनाडा, हैती, जमैका
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ट्रिनिडाड एंड टोबैगो, सेंट लूसिया, सेंट विंसेंट
ओशिनिया और अन्य:
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फिजी, कुक आइलैंड्स, माइक्रोनेशिया, पलाऊ, समोआ, वानुअतु
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अल्बानिया, बोत्सवाना, एल साल्वाडोर, गुयाना, कजाकिस्तान, मलेशिया, सेशेल्स, सूरीनाम, टिमोर-लेस्ते, टोगो, तुर्की (eVisa)
पूर्ण लिस्ट में कुछ eVisa वाले भी शामिल हैं, लेकिन मुख्य 56 स्कोर में गिने जाते हैं। गैंबिया का ऐडिशन हाल का है, जो एक एक्स्ट्रा ऑप्शन देता है। हमेशा ऑफिशियल साइट या एम्बेसी चेक करें क्योंकि रूल्स बदल सकते हैं।
भारत की रैंकिंग की तुलना पड़ोसी और अन्य देशों से
भारत 75वें पर है। पड़ोसी:
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पाकिस्तान: 104वें पर
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बांग्लादेश: 97वें पर
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नेपाल: 103वें पर
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चीन: 62वें पर (बेहतर)
टॉप पर सिंगापुर (192), जापान (187)। अमेरिका 8वें, यूके 4थ। साउथ एशिया में भारत बेस्ट परफॉर्मर है, लेकिन एशियन लीडर्स से पीछे। यह तुलना दिखाती है कि डिप्लोमेसी और इकोनॉमिक टाई-अप्स से और सुधार संभव है।
इस रैंकिंग का भारतीयों पर असर: ट्रैवल, बिजनेस और ज्यादा
बेहतर रैंकिंग मतलब कम वीजा हसल, आसान ट्रैवल। टूरिस्ट्स के लिए बजट ट्रिप्स, बिजनेसमैन के लिए क्विक मीटिंग्स। इकोनॉमिकली, मजबूत पासपोर्ट FDI और टूरिज्म बढ़ाता है। लेकिन अभी यूरोपियन यूनियन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया में वीजा मुश्किल।
ट्रैवल टिप्स:
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पासपोर्ट कम से कम 6 महीने वैलिड रखें।
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ट्रैवल इंश्योरेंस जरूर लें।
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लोकल रूल्स और COVID गाइडलाइंस चेक करें।
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eVisa वाले देशों में पहले अप्लाई कर लें।
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वीजा-फ्री देशों में भी एंट्री गारंटीड नहीं, इमिग्रेशन ऑफिसर डिसाइड करता है।



















