भारत ने अब तक आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में शानदार प्रदर्शन किया है और अजेय रहते हुए फाइनल में जगह बनाई है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि टीम में कुछ अहम कमजोरियां हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी है।
भारत की सलामी जोड़ी, पावरप्ले में तेज गेंदबाजों की नाकामी और मध्य ओवरों में विकेट न मिलने जैसी चिंताओं को लेकर गावस्कर ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम को फाइनल में अपने विनिंग कॉम्बिनेशन में बदलाव नहीं करना चाहिए और चार स्पिनर्स के साथ ही उतरना चाहिए।
NDTV Sports की रिपोर्ट के अनुसार, गावस्कर ने बताया कि भारतीय टीम की सलामी जोड़ी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है, तेज गेंदबाजों ने पावरप्ले में ज्यादा विकेट नहीं लिए हैं, और मध्य ओवरों में स्पिनर्स भी प्रभावी नहीं रहे हैं।
Big Changes In India Playing XI For Champions Trophy 2025 Final? Sunil Gavaskar Says “Has To…”https://t.co/KyAYfIoNfm pic.twitter.com/wLbOOcAUPT
— CricketNDTV (@CricketNDTV) March 7, 2025
सलामी जोड़ी की नाकामी पर सवाल
गावस्कर ने भारतीय सलामी जोड़ी को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कप्तान रोहित शर्मा और युवा बल्लेबाज शुभमन गिल की जोड़ी अब तक बड़ी साझेदारी करने में नाकाम रही है।
रोहित शर्मा ने टूर्नामेंट में अब तक चार मैचों में सिर्फ 104 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 26 का रहा है। उनका सर्वोच्च स्कोर 41 रन रहा है। वहीं, शुभमन गिल ने बांग्लादेश के खिलाफ शतक और पाकिस्तान के खिलाफ 46 रन बनाए, लेकिन न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फ्लॉप रहे।
गावस्कर ने कहा, “भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाजों से जिस तरह की मजबूत शुरुआत की उम्मीद थी, वह अब तक नहीं मिली है। यह टीम के लिए एक महत्वपूर्ण कमजोरी है, जिसे सुधारने की जरूरत है।”
पावरप्ले में तेज गेंदबाजों का प्रभाव कम
गावस्कर ने भारतीय तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि टीम को पावरप्ले में शुरुआती झटके देने की जरूरत थी, लेकिन तेज गेंदबाज ऐसा करने में नाकाम रहे हैं।
उन्होंने कहा, “नई गेंद से पहले 10 ओवरों में 2-3 विकेट लेना बेहद जरूरी होता है, लेकिन भारतीय गेंदबाज ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। इससे विपक्षी टीमों को मजबूत शुरुआत मिल रही है, जिससे भारत को बाद में मुश्किल होती है।”
मध्य ओवरों में विकेट न मिलना चिंता का विषय
गावस्कर ने भारतीय स्पिनर्स के प्रदर्शन पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि भारत के गेंदबाज मध्य ओवरों में रन रोकने में तो सफल रहे हैं, लेकिन लगातार विकेट नहीं ले पाए हैं।
“मध्य ओवरों में विकेट लेना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि यही वह समय होता है जब विपक्षी टीम को रोककर दबाव बनाया जा सकता है। अगर भारत इन कमजोरियों पर काम करता है, तो फाइनल में जीत की संभावना और मजबूत हो जाएगी।”
फाइनल में बदलाव की जरूरत नहीं
हालांकि, गावस्कर का मानना है कि भारतीय टीम को अपनी विनिंग कॉम्बिनेशन में कोई बदलाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चार स्पिनर्स वाली रणनीति कारगर साबित हुई है, और इसी को फाइनल में भी बरकरार रखना चाहिए।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि भारत को चार स्पिनर्स के साथ ही खेलना चाहिए। वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव की जोड़ी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। खासकर चक्रवर्ती ने न्यूजीलैंड के खिलाफ लीग स्टेज में 5 विकेट लिए थे। ऐसे में अब इस रणनीति को बदलने की कोई जरूरत नहीं है।”
क्या भारत अपनी कमजोरियों को सुधार पाएगा?
9 मार्च को दुबई में खेले जाने वाले फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम का असली इम्तिहान होगा। अगर टीम सलामी जोड़ी की कमजोरी को दूर कर पावरप्ले में विकेट निकालने में सफल होती है और मध्य ओवरों में स्पिनर्स विकेट लेने लगते हैं, तो भारत तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीत सकता है।
अब देखना होगा कि क्या भारतीय टीम सुनील गावस्कर की बताई कमजोरियों को दूर कर न्यूजीलैंड को हराने में सफल होती है या नहीं!