पंजाब में चल रहे किसान आंदोलन के तहत किसान नेता सरवन सिंह डल्लेवाल ने हाल ही में अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया है। यह अनशन किसानों की मांगों को लेकर किया गया था, जिसमें सरकार से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी सहित अन्य मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की गई थी। पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि डल्लेवाल ने आखिरकार पानी स्वीकार कर लिया है। इस घटनाक्रम के पीछे की पृष्ठभूमि, कारण और संभावित परिणामों पर यह रिपोर्ट विस्तृत रूप से प्रकाश डालती है।
अनशन की शुरुआत और किसानों की मांगें
सरवन सिंह डल्लेवाल ने किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था। इन मांगों में मुख्य रूप से:
- एमएसपी की गारंटी पर कानून
- किसानों के कर्ज की माफी
- जल संकट को लेकर उचित नीति
डल्लेवाल का अनशन किसानों के समर्थन में सरकार पर दबाव बनाने के लिए किया गया था।
Punjab govt tells SC that farmer leader Jagjit Singh Dallewal has accepted water & ended his hunger strike. Protesting farmers have dispersed, all highways & roads reopened. SC lauds Dallewal, calls him a genuine farmer leader with no political agenda. https://t.co/ev0FRZI1op pic.twitter.com/cbvaD0EO7a
— Gagandeep Singh (@Gagan4344) March 28, 2025
पंजाब सरकार की भूमिका और सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
पंजाब सरकार ने इस मामले को लेकर किसानों से बातचीत की, लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकल पाया। जब मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा, तो सरकार ने अदालत को सूचित किया कि डल्लेवाल ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और सरकार से पूछा कि वह किसानों की मांगों पर क्या रुख अपनाने वाली है।
किसान नेता डल्लेवाल का अनशन तोड़ना
कई दिनों तक भूख हड़ताल पर रहने के बाद, आखिरकार डल्लेवाल ने पानी पीकर अनशन समाप्त किया। यह फैसला कई बैठकों और सरकार के आश्वासनों के बाद लिया गया। किसानों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही, कुछ ने इसे सही फैसला बताया तो कुछ ने इसे सरकार के दबाव का नतीजा कहा।
Navdeep Jalbera met farmer leader Jagjeet Singh Dallewal at the hospital and expressed concern about his condition. Navdeep said that Jagjeet Singh Dallewal hadn’t had a drop of water for the past week as part of his protest against the detention of farmers by the police at the… pic.twitter.com/d86AeuPj94
— Gagandeep Singh (@Gagan4344) March 28, 2025
आंदोलन का भविष्य और राजनीतिक प्रभाव
किसान आंदोलन का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार उनकी मांगों को कैसे पूरा करती है। क्या यह आंदोलन जारी रहेगा या अब इसमें नरमी आएगी? पंजाब और केंद्र सरकार के बीच इस मुद्दे पर लगातार मतभेद देखे गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनावों में यह मुद्दा बड़ी भूमिका निभा सकता है।
सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आईं। कई लोगों ने किसानों का समर्थन किया तो कई लोगों ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया।
निष्कर्ष
डल्लेवाल का अनशन समाप्त करना एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम था, लेकिन क्या किसानों की मांगें पूरी होंगी या नहीं, यह अभी भी एक बड़ा सवाल है। किसानों को आश्वासन जरूर मिला है, लेकिन उनकी असल लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
आगे यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार इस मामले में ठोस कदम उठाती है या नहीं। किसान आंदोलन की दिशा अगले कुछ हफ्तों में और स्पष्ट होगी।