भारत में सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एसएससी) की परीक्षाएं एक सपना होती हैं। लेकिन हाल ही में, यूट्यूबर नितीश राजपूत के एक वीडियो ने इस सपने को एक कड़वी हकीकत में बदल दिया है। “Nitish Rajput SSC News” अब गूगल ट्रेंड्स से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह छाया हुआ है। सितंबर 2025 में जारी किए गए उनके वीडियो “Reality of SSC Exams” ने एसएससी की परीक्षाओं में अनियमितताओं, टेंडर मैनिपुलेशन और Eduquity Technologies नामक कंपनी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। परिणामस्वरूप, Eduquity ने नितीश राजपूत पर 2.5 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा ठोक दिया है। यह मुकदमा न केवल एक व्यक्ति के खिलाफ है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर बहस छेड़ रहा है।
नितीश राजपूत कौन हैं? एक यूट्यूबर की यात्रा
नितीश राजपूत कोई साधारण यूट्यूबर नहीं हैं। उनके चैनल पर 8 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं, और वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा में समझाते हैं। geopolitics से लेकर current affairs तक,他们的 वीडियोज शिक्षाप्रद होते हैं। Nitish Rajput SSC News से पहले, उन्होंने कई विवादास्पद टॉपिक्स पर वीडियो बनाए हैं, जैसे चुनावी बॉन्ड्स, पर्यावरण मुद्दे और सामाजिक न्याय। उनका मानना है कि ऑनलाइन टूल्स से लोगों को एकजुट किया जा सकता है।
सितंबर 2025 में, जब एसएससी सीजीएल परीक्षा के दौरान सर्वर फेलियर और डिले की शिकायतें बढ़ीं, नितीश ने गहराई से जांच की। उनका वीडियो “Reality of SSC Exams” 55 मिनट लंबा है, जिसमें उन्होंने डेटा, दस्तावेज और छात्रों की कहानियों का इस्तेमाल किया। इस वीडियो ने 5.5 मिलियन व्यूज पार कर लिए हैं, और यह Nitish Rajput SSC News को ट्रेंडिंग बना रहा है। नितीश की स्टाइल अनोखी है – वे फैक्ट्स पर आधारित होते हैं, बिना सनसनी फैलाए। लेकिन इस बार, उनका साहस उन्हें कानूनी जंग में उलझा रहा है।
एसएससी परीक्षाओं का बैकग्राउंड: इतिहास और महत्व
स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) भारत सरकार की एक प्रमुख भर्ती एजेंसी है, जो ग्रुप बी और सी पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित करती है। SSC CGL, CHSL, MTS जैसी परीक्षाओं में हर साल लाखों उम्मीदवार भाग लेते हैं। ये परीक्षाएं युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का गेटवे हैं, जहां स्थिरता और सम्मान की उम्मीद होती है। लेकिन SSC का इतिहास घोटालों से भरा पड़ा है। 2018 में SSC पेपर लीक स्कैंडल ने पूरे देश को हिला दिया था, जिसमें CBI जांच हुई और कई गिरफ्तारियां हुईं।
Nitish Rajput SSC News में, नितीश ने बताया कि कैसे SSC के टेंडर प्रोसेस में अनियमितताएं हैं। पहले TCS जैसी बड़ी कंपनी परीक्षाएं संभालती थी, लेकिन अब Eduquity को कॉन्ट्रैक्ट मिला है। सवाल यह है – क्या यह चयन पारदर्शी था? नितीश के अनुसार, टेंडर रूल्स में बदलाव करके Eduquity को फायदा पहुंचाया गया। सर्वर क्रैश, स्क्रीन फ्रीज और अनुचित डिले से छात्रों का समय और मेहनत बर्बाद हो रही है। यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल है।
नितीश राजपूत के वीडियो का विस्तृत विश्लेषण: क्या-क्या खुलासे हुए?
Nitish Rajput SSC News की असली ताकत उनके वीडियो में है। आइए, इसे ब्रेकडाउन करें। वीडियो की शुरुआत SSC की स्थापना और उसके महत्व से होती है। फिर, नितीश हाल की घटनाओं पर आते हैं – 2025 की SSC CGL परीक्षा में क्या गड़बड़ हुई?
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टेंडर मैनिपुलेशन: नितीश ने दस्तावेज दिखाए कि SSC ने टेंडर क्राइटेरिया बदले, जिससे Eduquity योग्य बनी। पहले की कंपनियां जैसे TCS बाहर हो गईं। क्या यह L1 (लोएस्ट बिड) सिस्टम का दुरुपयोग था?
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सर्वर और तकनीकी खामियां: परीक्षा के दौरान सर्वर डाउन होना आम हो गया है। छात्रों ने स्क्रीनशॉट्स शेयर किए जहां टाइमर रुक जाता है, लेकिन समय बीतता रहता है। नितीश ने आंकड़े दिए – लाखों छात्र प्रभावित हुए।
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छात्रों की कहानियां: वीडियो में असली छात्रों के इंटरव्यू हैं, जो बताते हैं कि कैसे वे सालों से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन सिस्टम उन्हें ठग रहा है। एक छात्र ने कहा, “मैंने 3 साल दिए, लेकिन अब विश्वास टूट रहा है।”
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सरकारी भूमिका: नितीश ने सवाल उठाया कि सरकार क्यों चुप है? क्या electoral bonds या राजनीतिक दबाव इसमें शामिल हैं? उन्होंने BJP के टेंडर सिस्टम पर भी टिप्पणी की, बिना पक्षपात के।
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Eduquity का मानहानि मुकदमा: क्या है कहानी के पीछे?
वीडियो जारी होने के कुछ दिनों बाद, Eduquity Career Technologies Pvt. Ltd. ने नितीश राजपूत पर 2.5 करोड़ का Defamation Suit फाइल किया। कंपनी का कहना है कि वीडियो में झूठे आरोप लगाए गए हैं, जो उनकी reputaion को नुकसान पहुंचा रहे हैं। Eduquity SSC की कई परीक्षाएं आयोजित करती है, और वे दावा करते हैं कि सब कुछ पारदर्शी है।
लेकिन Nitish Rajput SSC News में, नितीश ने अपना बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनके दावे दस्तावेजों पर आधारित हैं, और वे अदालत में लड़ेंगे। यह मुकदमा अब छात्रों और शिक्षकों के बीच बहस का केंद्र है। Reddit पर r/SSCCGL सबरेडिट में चर्चा है कि नितीश ने proof के साथ काउंटर-सूट फाइल किया है, और SSC पर स्टे ऑर्डर की मांग की है। Ukhrul Times और CitiUpdate जैसी न्यूज साइट्स ने रिपोर्ट किया कि यह केस SSC की ज्यूडिशियल ओवरसाइट पर बहस को फिर से जिंदा कर रहा है।
क्या यह मुकदमा सच्चाई को दबाने की कोशिश है? या Eduquity सही है? यह समय बताएगा, लेकिन Nitish Rajput SSC News ने दिखाया कि एक व्यक्ति सिस्टम को चुनौती दे सकता है।
छात्रों का विरोध: सड़कों से सोशल मीडिया तक
Nitish Rajput SSC News ने छात्रों को एकजुट किया है। दिल्ली और अन्य शहरों में SSC छात्रों के प्रोटेस्ट हो रहे हैं। वे मांग कर रहे हैं – Eduquity को हटाओ, परीक्षाएं दोबारा कराओ, और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो। X (पूर्व Twitter) पर #SSCProtest2025, #SSC_System_Sudharo जैसे ट्रेंड्स हैं। एक पोस्ट में लिखा है, “Nitish Rajput ने सिस्टम को एक्सपोज किया, अब हमारी बारी है।”
Instagram और Facebook पर वीडियोज वायरल हैं, जहां छात्र अपनी कहानियां शेयर कर रहे हैं। एक रील में कहा गया, “यह कंटेंट नहीं, साहस है।” Reddit पर थ्रेड्स हैं जहां छात्र proof शेयर कर रहे हैं। यह आंदोलन Nitish Rajput SSC News से प्रेरित है, और यह दिखाता है कि युवा अब चुप नहीं बैठेंगे।
पारदर्शिता की कमी: SSC में सुधार की जरूरत क्यों?
Nitish Rajput SSC News ने बड़ा सवाल उठाया – SSC में पारदर्शिता क्यों नहीं? भारत में सरकारी भर्तियां भ्रष्टाचार का शिकार रही हैं। NEET पेपर लीक से लेकर UPSC विवाद तक, हर जगह समस्या है। विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल परीक्षाओं में तकनीकी सुरक्षा जरूरी है।
सुधार के सुझाव:
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स्वतंत्र ऑडिट: हर टेंडर की थर्ड-पार्टी जांच।
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स्टूडेंट फीडबैक: परीक्षा के बाद सर्वे।
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कानूनी सुधार: Defamation laws को ऐसे इस्तेमाल न होने दें जो सच्चाई दबाए।
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डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: बेहतर सर्वर और AI मॉनिटरिंग।

















