Rinku Singh Father Death : रिंकू सिंह का जन्म 12 अक्टूबर 1997 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक बेहद साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता खानचंद सिंह एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। मां घर संभालती थीं। परिवार में दो भाई और तीन बहनें हैं। आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि कई बार घर में दो वक्त की रोटी भी मुश्किल से जुट पाती थी।
रिंकू को बचपन से क्रिकेट का शौक था। लेकिन परिवार की जिम्मेदारियां उन्हें अक्सर रोकती थीं। वे बताते हैं कि कभी-कभी वे पिता के साथ सिलेंडर डिलीवरी में हाथ बंटाते थे, लेकिन उनका मन हमेशा क्रिकेट ग्राउंड पर रहता था। 2012 में उन्होंने उत्तर प्रदेश अंडर-16 टीम के लिए खेलना शुरू किया। धीरे-धीरे अंडर-19 और फिर रणजी ट्रॉफी में जगह बनाई। 2018 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें IPL में चुना। लेकिन असली पहचान 2023 में मिली, जब गुजरात टाइटंस के खिलाफ आखिरी ओवर में लगातार 5 छक्के लगाकर उन्होंने इतिहास रच दिया।
आज रिंकू भारतीय टीम के लिए टी20 इंटरनेशनल खेल चुके हैं और टी20 वर्ल्ड कप में मौजूद हैं। लेकिन इस सफलता के पीछे “Rinku Singh Father” खानचंद सिंह का बहुत बड़ा हाथ है। उन्होंने बेटे के सपनों को पंख दिए, भले ही शुरुआत में वे इसके खिलाफ थे।
खानचंद सिंह शुरू में रिंकू के क्रिकेट खेलने के खिलाफ थे। वे चाहते थे कि बेटा कोई स्थिर नौकरी करे, क्योंकि परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी। एक बार तो उन्होंने रिंकू को क्रिकेट खेलने पर डांटा और पीटा भी था। लेकिन एक लोकल टूर्नामेंट में रिंकू के शानदार प्रदर्शन और इनाम में मिले कुछ पैसे देखकर उनका मन बदल गया। उसके बाद उन्होंने रिंकू का पूरा साथ दिया। कोचिंग फीस, किट, ट्रेनिंग – सब कुछ उन्होंने अपनी मेहनत से जुटाया। यह “Rinku Singh Father” की कहानी है – त्याग, विश्वास और बेटे के प्रति अटूट प्यार की।



















