Sarvam AI एक बेंगलुरु स्थित भारतीय स्टार्टअप है, जो खास तौर पर भारत की भाषाओं, उच्चारणों और जरूरतों के लिए AI टेक्नोलॉजी बना रहा है। कंपनी का नाम संस्कृत के शब्द “सर्वं” से आया है, जिसका मतलब होता है “सब कुछ” या “पूर्ण”। इसकी शुरुआत 2023 में हुई थी, जब विवेक राघवन और प्रत्यूष कुमार ने इसे शुरू किया। दोनों ही अनुभवी AI इंजीनियर्स हैं – विवेक पहले Google में काम कर चुके हैं, और प्रत्यूष Microsoft Research में थे। उनकी टीम में IIT के टॉप ग्रेजुएट्स और ग्लोबल AI एक्सपर्ट्स शामिल हैं।
कंपनी का मुख्य लक्ष्य है “सॉवरेन AI” बनाना – यानी ऐसी AI जो पूरी तरह भारत के लिए हो, भारत में बनी हो, और भारत की विविधता को समझे। भारत में 22 आधिकारिक भाषाएं हैं, और लाखों लोग हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली जैसी भाषाओं में बात करते हैं। ग्लोबल AI मॉडल्स जैसे ChatGPT ज्यादातर अंग्रेजी पर फोकस्ड होते हैं, इसलिए भारतीय भाषाओं में वे कमजोर पड़ जाते हैं। Sarvam AI इसी कमी को दूर कर रहा है।
कंपनी ने अब तक कई प्रोडक्ट्स लॉन्च किए हैं, जैसे स्पीच टू टेक्स्ट, टेक्स्ट टू स्पीच, विजन मॉडल्स और एजेंट्स। ये सब भारत की रियल-वर्ल्ड समस्याओं के लिए डिजाइन किए गए हैं – जैसे पुराने दस्तावेजों को डिजिटल करना, वॉयस से सरकारी सेवाएं लेना, या लोकल एक्सेंट में बातचीत करना।

नवीनतम अपडेट्स: फरवरी 2026 में क्या हुआ?
फरवरी 2026 में Sarvam AI ने एक जबरदस्त 14-दिन का लॉन्च ब्लिट्ज चलाया। हर दिन नए प्रोडक्ट्स या अपडेट्स आए। ये सब इतने तेजी से आए कि लोग हैरान रह गए। मुख्य लॉन्चेस में शामिल हैं:
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Sarvam Vision: ये एक 3 बिलियन पैरामीटर वाला विजन लैंग्वेज मॉडल है। ये इमेज से टेक्स्ट पढ़ता है (OCR), चार्ट समझता है, टेबल्स पार्स करता है, और सीन डिस्क्रिप्शन देता है। खास बात ये है कि ये 22 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। olmOCR-Bench पर इसने 84.3% एक्यूरेसी हासिल की, जो Google Gemini 3 Pro और DeepSeek OCR v2 से बेहतर है। OmniDocBench पर तो 93.28% तक पहुंच गया। ये स्कैन किए हुए दस्तावेजों, पुरानी किताबों, और कॉम्प्लेक्स लेआउट वाले पेपर्स को आसानी से हैंडल करता है।
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Bulbul V3: ये टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल है, जो बहुत नेचुरल और एक्सप्रेसिव वॉयस बनाता है। इसमें 35 से ज्यादा हाई-क्वालिटी वॉयस हैं, जो 11 भारतीय भाषाओं को कवर करती हैं (और जल्द ही और बढ़ेंगी)। ये पॉज, इम्फैसिस, टोन और पेसिंग को परफेक्टली हैंडल करता है, जिससे आवाज इंसानी जैसी लगती है। प्रोडक्शन-रेडी है, मतलब रियल बिजनेस में इस्तेमाल हो सकता है। इंडियन एक्सेंट्स और कोड-मिक्सिंग (हिंग्लिश जैसी) में ये बहुत अच्छा परफॉर्म करता है।
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Sarvam Arya: ये एक एजेंट ऑर्केस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म है, जो ऑटोनॉमस AI एजेंट्स को मैनेज करता है। एंटरप्राइज लेवल सिक्योरिटी के साथ आता है।
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अन्य: Sarvam Audio (ऑडियो-फर्स्ट LLM), Samvaad (कन्वर्सेशनल एजेंट्स), और डबिंग टूल्स भी लॉन्च हुए।
ये लॉन्चेस भारत AI इंपैक्ट समिट (फरवरी 16-20, 2026) से पहले हुए, जिससे कंपनी की चर्चा और बढ़ गई।
बेंचमार्क्स और तुलना: सच में बेहतर है या नहीं?
बहुत से लोग पूछ रहे हैं – क्या Sarvam AI सच में ChatGPT और Gemini को हराया? जवाब है: हां और नहीं।
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हां – इंडिया-स्पेसिफिक टास्क्स में, खासकर OCR और इंडिक लैंग्वेज स्पीच में। Sarvam Vision ने olmOCR-Bench पर टॉप किया, जहां ग्लोबल मॉडल्स भारतीय स्क्रिप्ट्स (देवनागरी, तमिल आदि) में कमजोर पड़ते हैं। Bulbul V3 ने वॉयस क्वालिटी में इंडियन एक्सेंट्स पर बेहतर रिजल्ट्स दिए।
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नहीं – जनरल टास्क्स में, जैसे कॉम्प्लेक्स रीजनिंग या इंग्लिश-ओनली टास्क्स में, ग्लोबल मॉडल्स अभी आगे हैं। लेकिन भारत के लिए जहां 90% यूजर्स लोकल लैंग्वेजेस यूज करते हैं, वहां Sarvam AI गेम-चेंजर है।
ये परफॉर्मेंस इसलिए बेहतर है क्योंकि कंपनी ने इंडिक डेटा पर फोकस किया – लोकल एक्सेंट्स, स्क्रिप्ट्स और रियल-वर्ल्ड डॉक्यूमेंट्स।
तकनीकी विशेषताएं: क्या खास है Sarvam AI में?
Sarvam AI स्टेट-स्पेस बेस्ड मॉडल्स यूज करता है, जो ट्रेडिशनल ट्रांसफॉर्मर्स से अलग और एफिशिएंट हैं। Sarvam Vision 3B पैरामीटर्स का है, लेकिन परफॉर्मेंस में बड़े मॉडल्स से मुकाबला करता है।
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मल्टीलिंगुअल सपोर्ट: 22 भारतीय भाषाएं + इंग्लिश।
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नेचुरल स्पीच: Bulbul V3 में प्रोफेशनल वॉयस आर्टिस्ट्स से ट्रेनिंग।
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प्रैक्टिकल यूज: डॉक्यूमेंट डिजिटाइजेशन, वॉयस एजेंट्स, डबिंग आदि।
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सिक्योरिटी: एंटरप्राइज-ग्रेड, प्राइवेसी फोकस्ड।
कंपनी ओपन-सोर्स मॉडल्स भी रिलीज कर रही है, जैसे Sarvam-M (24B पैरामीटर्स वाला इंडिक LLM)।
भारत AI मिशन में Sarvam AI की भूमिका
भारत सरकार की IndiaAI मिशन में Sarvam AI पहला स्टार्टअप है जिसे बड़े स्केल पर सपोर्ट मिला। मिशन का लक्ष्य है स्वदेशी फाउंडेशनल मॉडल्स बनाना। कंपनी को हजारों GPUs मिले हैं (H100 जैसे), जिससे वो बड़े मॉडल ट्रेन कर रही है।
सरकार ने 2024-25 में मिशन को अप्रूव किया, जिसमें 10,000 करोड़ से ज्यादा का बजट है। Sarvam AI सोवरेन LLM बना रहा है – 120B पैरामीटर्स वाला, जो पब्लिक सर्विसेस के लिए यूज होगा। जैसे “2047: Citizen Connect” प्रोजेक्ट।
ये मिशन भारत को AI में आत्मनिर्भर बनाने का है, और Sarvam AI इसमें लीडिंग रोल प्ले कर रहा है।
संस्थापक और टीम: कौन हैं पीछे?
विवेक राघवन और प्रत्यूष कुमार – दोनों AI के फील्ड में बड़े नाम हैं। विवेक ने Google में AI रिसर्च किया, प्रत्यूष ने RLHF पर काम किया। उनकी टीम छोटी लेकिन बहुत टैलेंटेड है। वे GPU की कमी और डेटा चैलेंजेस को क्रिएटिव तरीके से सॉल्व कर रहे हैं।
भारत पर प्रभाव: कैसे बदलेगा जीवन?
Sarvam AI से कई फायदे होंगे:
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ग्रामीण इलाकों में: वॉयस AI से सरकारी स्कीम्स, मौसम जानकारी, हेल्थ एडवाइस हिंदी/लोकल भाषा में।
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बिजनेस में: कस्टमर सपोर्ट, डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग आसान।
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एजुकेशन: लोकल लैंग्वेज में ट्यूटरिंग।
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हेल्थकेयर: मेडिकल रिकॉर्ड्स डिजिटाइजेशन।
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गवर्नमेंट: Aadhaar जैसी सर्विसेस वॉयस से।


















