तेलंगाना सरकार ने अपने 2025-26 के बजट में नगर प्रशासन और शहरी विकास (MAUD) विभाग के लिए ₹17,677 करोड़ आवंटित किए हैं। इस बजट का उद्देश्य राज्य के शहरी क्षेत्रों को आधुनिक बनाना, यातायात प्रबंधन को सुचारू करना और सतत विकास को बढ़ावा देना है।
राज्य के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री भट्टी विक्रमार्क ने विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि तेलंगाना देश में सबसे तेजी से शहरीकरण हो रहे राज्यों में से एक है। इसके चलते शहरों में ट्रैफिक, जल निकासी, स्वच्छता और पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है।
यह बजट तेलंगाना के प्रमुख शहरों हैदराबाद, वारंगल, निजामाबाद और खम्मम सहित नए नगर निगमों और शहरी प्रशासनिक संस्थाओं को मजबूती देगा।
Telangana budget 2025-26 crosses ₹3lakh crore
₹3,04,965 crore – Total expenditure
₹2,26,982 crore – Revenue expenditure ₹36,504 crore – capital expenditureAllocations
₹40232 crore – Scheduled Castes Welfare
₹31605 crore – Panchayati Raj & Rural
₹24439 crore -… pic.twitter.com/Aa73W0iyXJ— Naveena (@TheNaveena) March 19, 2025
MAUD बजट का वितरण
इस बजट के तहत कुल ₹17,677 करोड़ विभिन्न योजनाओं में वितरित किए गए हैं:
- ₹7,639.96 करोड़ स्थापना व्यय (ऑपरेशनल खर्चों के लिए)
- ₹10,037 करोड़ योजना व्यय (नई योजनाओं और बुनियादी ढांचे के लिए)
- ₹5,213.67 करोड़ पूंजीगत व्यय (अवसंरचना निर्माण और निवेश के लिए)
इस बजट का मुख्य उद्देश्य नगर प्रशासन को बेहतर बनाना और लोगों को आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।
H-CITI योजना: शहरी बुनियादी ढांचे को नई पहचान
H-CITI (Hyderabad Comprehensive Integrated Traffic Infrastructure) योजना के तहत:
- 31 फ्लाईओवर और 17 अंडरपास बनाए जा रहे हैं।
- 10 प्रमुख सड़कों का विस्तार किया जाएगा।
- ₹7,032 करोड़ इस योजना के तहत आवंटित किए गए हैं।
सरकार का दावा है कि इस परियोजना के बाद हैदराबाद मेट्रो, बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (BRTS) और स्मार्ट ट्रैफिक लाइटिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी।
Musi Riverfront Development: तेलंगाना की नई पहचान
मूसी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए ₹1,500 करोड़ की योजना बनाई गई है।
इस परियोजना के तहत:
- नदी किनारे ग्रीन कॉरिडोर और वॉकिंग ट्रैक बनाए जाएंगे।
- पर्यावरणीय संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया जाएगा।
- पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मनोरंजन और सांस्कृतिक केंद्रों का निर्माण होगा।
Integrated Stormwater Drainage Project: बाढ़ और जलभराव से राहत
₹5,942 करोड़ की यह परियोजना बाढ़ प्रबंधन और जलभराव रोकने के लिए तैयार की गई है।
इस परियोजना के तहत:
- आधुनिक जल निकासी प्रणाली स्थापित की जाएगी।
- जल पुनर्चक्रण संयंत्र (Water Recycling Plants) स्थापित किए जाएंगे।
- विशेष रूप से हैदराबाद, वारंगल और अन्य प्रमुख शहरों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस योजना से शहरों में जलभराव की समस्या काफी हद तक कम होगी।
Future City Project: भारत का पहला नेट-ज़ीरो शहर
सरकार ने Future City Project की घोषणा की है, जो भारत का पहला नेट-ज़ीरो (Zero Carbon Emission) शहर होगा। यह शहर 765 वर्ग किमी में फैला होगा और इसमें 56 गांवों को शामिल किया जाएगा।
इस शहर की मुख्य विशेषताएं:
- AI Hub, Pharma Hub, Clean Energy Innovation Zone जैसी सुविधाएँ विकसित की जाएंगी।
- 100% इलेक्ट्रिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा।
- स्मार्ट सड़कों और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि यह परियोजना ग्लोबल इन्वेस्टर्स को आकर्षित करने और नवीनतम टेक्नोलॉजी अपनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस बजट के संभावित फायदे और चुनौतियाँ
✅ फायदे:
- शहरी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
- यातायात व्यवस्था में सुधार होगा जिससे लोगों को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।
- पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन की नई योजनाओं से प्रदूषण कम होगा।
निष्कर्ष
तेलंगाना सरकार का यह बजट शहरी विकास को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि ये योजनाएँ सफल होती हैं, तो राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आम जनता को अधिक सुविधाएँ मिलेंगी।
हालांकि, इन योजनाओं को सफल बनाने के लिए सरकार, स्थानीय निकायों और जनता का सहयोग आवश्यक होगा।
💬 आप इस बजट को लेकर क्या सोचते हैं? अपने विचार हमें कमेंट में बताएं!