27 जनवरी 2026 का दिन तमिल सिनेमा और थलापति विजय के फैंस के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। मद्रास हाई कोर्ट ने Jana Nayagan (जन नायकन) फिल्म के सेंसर सर्टिफिकेट विवाद पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने सिंगल जज जस्टिस पीटी आशा के 9 जनवरी 2026 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें CBFC को फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट देने का निर्देश दिया गया था।
डिवीजन बेंच (चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी अरुल मुरुगन) ने कहा कि CBFC को अपना पक्ष रखने का उचित मौका नहीं मिला था। इसलिए मामला अब वापस सिंगल जज के पास फ्रेश हियरिंग के लिए भेज दिया गया है। इससे थलापति विजय की आखिरी फिल्म की रिलीज अनिश्चित हो गई है।
पोंगल 2026 (9-14 जनवरी) पर रिलीज होने वाली यह फिल्म अब फरवरी या उससे आगे जा सकती है, या और भी देरी हो सकती है। यह विवाद सिर्फ एक फिल्म का नहीं, बल्कि सिनेमा, सेंसरशिप, राजनीति और फैनडम का मिश्रण बन गया है। आइए इस पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं।
थलापति विजय का सफर: एक्टर से पॉलिटिशियन तक
थलापति विजय (Thalapathy Vijay) तमिल सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार हैं। 50 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले विजय ने 2023 में अपनी पॉलिटिकल पार्टी TVK (तमिलगा वेत्री कझगम) लॉन्च की। वे 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से उतर रहे हैं।
जन नायकन उनकी 69वीं और आखिरी फिल्म है। विजय ने कई बार कहा है कि यह फिल्म उनके एक्टर करियर का अंतिम अध्याय है। फिल्म में वे एक ऐसे हीरो की भूमिका में हैं जो जनता के लिए लड़ता है, सिस्टम के खिलाफ खड़ा होता है। यह पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर है, जो विजय के पॉलिटिकल इमेज से काफी मैच करता है।
फिल्म का बजट 400-500 करोड़ के आसपास बताया जा रहा है। प्रोडक्शन KVN प्रोडक्शंस ने किया है, डायरेक्टर एच. विनोथ हैं।
फिल्म की कहानी और कास्ट: क्या है जन नायकन में?
जन नायकन (Jana Nayagan) का मतलब है ‘जनता का नायक’। यह एक पॉलिटिकल एक्शन ड्रामा है। प्लॉट डिटेल्स ज्यादा ऑफिशियल नहीं हैं, लेकिन ट्रेलर और रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो अन्याय के खिलाफ खड़ा होता है।
एक बच्चे की कहानी से पुरानी दुश्मनी जागृत होती है। एक एक्स-कॉप (विजय) को बदले की लड़ाई में खींच लिया जाता है। फिल्म में आइडियोलॉजिकल क्लैश, पॉपुलिस्ट vs अथॉरिटेरियन थीम्स हैं। कई सीन में पॉलिटिकल मैसेज हैं, जैसे सिस्टम में भ्रष्टाचार, जनता की ताकत आदि।
कास्ट:
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थलापति विजय (लीड रोल)
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पूजा हेगड़े (फीमेल लीड)
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बॉबी देओल (एंटागोनिस्ट या महत्वपूर्ण रोल)
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ममिता बैजू
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गौतम वासुदेव मेनन
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प्रकाश राज
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अन्य सपोर्टिंग एक्टर्स
फिल्म को तेलुगु फिल्म ‘भगवंत केसरी’ का रीमेक माना जा रहा है, हालांकि प्रोड्यूसर्स ने इसे आंशिक रीमेक बताया है।
ट्रेलर में विजय का पावरफुल लुक, एक्शन सीक्वेंस और इमोशनल डायलॉग्स काफी वायरल हुए। लेकिन कुछ डायलॉग्स और सीन पर CBFC ने आपत्ति जताई।
सेंसर विवाद की पूरी टाइमलाइन: दिसंबर 2025 से 27 जनवरी 2026 तक
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दिसंबर 2025: फिल्म CBFC को सबमिट की गई।
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CBFC एग्जामिनिंग कमिटी ने फिल्म देखी। एक सदस्य ने शिकायत की – फिल्म में मिलिट्री रेफरेंस और कम्युनल डिसहार्मनी का आरोप।
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CBFC ने फिल्म को रिवाइजिंग कमिटी के पास भेजा।
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प्रोड्यूसर्स ने कुछ छोटे कट्स पर सहमति जताई, लेकिन CBFC ने सर्टिफिकेट नहीं दिया।
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जनवरी 2026 शुरुआत: प्रोड्यूसर्स ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की।
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9 जनवरी 2026: सिंगल जज जस्टिस पीटी आशा ने CBFC को U/A 16+ सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया।
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CBFC ने इस आदेश के खिलाफ डिवीजन बेंच में अपील की।
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20 जनवरी 2026: डिवीजन बेंच ने सुनवाई की, ऑर्डर रिजर्व रखा।
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27 जनवरी 2026: डिवीजन बेंच ने सिंगल जज का आदेश सेट असाइड किया। मामला वापस सिंगल जज को फ्रेश हियरिंग के लिए। कोर्ट ने कहा – CBFC को प्रॉपर ऑपर्च्युनिटी मिलनी चाहिए।
इस फैसले से फिल्म की रिलीज पोस्टपोन हो गई। पोंगल पर रिलीज नहीं हुई, अब फरवरी या मई तक की बात चल रही है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि अगर सिंगल जज जल्द फैसला दे, तो 6 फरवरी या 13 फरवरी संभव है। लेकिन अगर CBFC फिर अपील करता है, तो और देरी।
विवाद की जड़: CBFC की आपत्तियां क्या थीं?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, CBFC के एक सदस्य ने फिल्म में कुछ सीन पर शिकायत की:
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मिलिट्री या आर्म्ड फोर्सेस से जुड़े रेफरेंस जो संवेदनशील हो सकते हैं।
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कम्युनल हार्मनी प्रभावित करने वाले डायलॉग्स या सीन।
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पॉलिटिकल मैसेज जो किसी पार्टी या विचारधारा को टारगेट करते लगें।
विजय के फैंस इसे पॉलिटिकल मोटिवेटेड बता रहे हैं। क्योंकि विजय की पार्टी TVK BJP-AIADMK गठबंधन के खिलाफ है। कई लोग मानते हैं कि सेंसर डिले पॉलिटिकल प्रेशर का नतीजा है।
प्रोड्यूसर्स ने कहा कि उन्होंने जरूरी कट्स दिए, लेकिन CBFC ने अनुचित तरीके से डिले किया।
फैंस और इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया पर तूफान
#JanaNayagan और #ThalapathyVijay आज ट्रेंड कर रहे हैं। फैंस कह रहे हैं:
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“कोर्ट का फैसला निराशाजनक है, लेकिन थलापति जीतेंगे। जन नायकन रुकेगा नहीं।”
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“यह सिर्फ फिल्म नहीं, विजय के पॉलिटिकल सफर का हिस्सा है।”
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“CBFC BJP का हाथ है, विजय को रोकने की कोशिश।”
इंडस्ट्री में कई डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स CBFC की आलोचना कर रहे हैं। वे कहते हैं कि सेंसरशिप अब क्रिएटिविटी को दबा रही है।
कुछ न्यूट्रल व्यूज: “कोर्ट ने प्रोसीजर फॉलो करने को कहा, यह फेयर है।”
थलापति विजय का पॉलिटिकल फ्यूचर और फिल्म का कनेक्शन
विजय अब फुल-टाइम पॉलिटिक्स में हैं। TVK तमिलनाडु में नई ताकत बन रही है। फिल्म में कई डायलॉग्स जनता की ताकत, भ्रष्टाचार विरोधी हैं – जो विजय के पॉलिटिकल मेनिफेस्टो से मैच करते हैं।
अगर फिल्म रिलीज होती है, तो यह विजय की पॉपुलैरिटी बढ़ाएगी। देरी से फैंस में गुस्सा बढ़ रहा है, जो TVK के लिए पॉजिटिव हो सकता है।
जन नायकन का फ्यूचर: क्या होगा आगे?
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सिंगल जज जल्द हियरिंग कर सकता है।
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अगर U/A मिला, तो फरवरी में रिलीज संभव।
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अगर CBFC फिर कट्स मांगे या अपील की, तो मई 2026 तक डिले।
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हिंदी वर्जन ‘जन नेता’ के नाम से Zee Studios रिलीज करेगी।


















