Earthquake Kolkata की ताजा घटना ने फिर जगाई चिंता
Earthquake Kolkata एक ऐसा कीवर्ड है जो इन दिनों भारत में खूब ट्रेंड कर रहा है। 3 फरवरी 2026 की शाम को करीब 9:04 से 9:07 बजे के बीच, म्यांमार में आए एक शक्तिशाली भूकंप के झटके कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में तेजी से महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 से 6.1 के बीच थी। इसका केंद्र म्यांमार के मगवे क्षेत्र में येनांगयांग से लगभग 95 किलोमीटर पश्चिम में था, और गहराई लगभग 60-63 किलोमीटर बताई गई है।
हालांकि केंद्र म्यांमार में था, लेकिन झटके पूर्वी भारत, खासकर पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, साल्ट लेक, न्यू टाउन, दम दम और अन्य इलाकों में काफी मजबूती से महसूस हुए। बांग्लादेश के ढाका, चटगांव और अन्य हिस्सों में भी लोग घबरा गए। कई लोगों ने बताया कि उनके घरों में फर्नीचर हिलने लगा, छत के पंखे झूलने लगे, खिड़कियां कांपने लगीं और कुछ सेकंड के लिए ऐसा लगा जैसे पूरी इमारत हिल रही हो।
सौभाग्य से, इस Earthquake Kolkata घटना में कोई बड़ी जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ। कोई मौत या गंभीर चोट की खबर नहीं आई, और इमारतों में कोई दरार या ढहने जैसी घटना नहीं हुई। फिर भी, रात के समय अचानक आए इन झटकों ने लोगों में काफी दहशत फैला दी। कई लोग डर के मारे घरों और ऑफिसों से बाहर निकल आए।
घटना का विस्तृत विवरण: Earthquake Kolkata में ठीक क्या हुआ?
3 फरवरी 2026, मंगलवार की शाम। कोलकाता में लोग अपने घरों में डिनर कर रहे थे, टीवी देख रहे थे या रेस्ट कर रहे थे। अचानक करीब 9:05-9:07 बजे के आसपास, कई इलाकों में हल्के से तेज झटके महसूस होने लगे। उच्च इमारतों में रहने वाले लोगों ने बताया कि उनकी कुर्सियां, टेबल और बेड हिलने लगे। कुछ ने कहा कि लाइट्स और पंखे झूलने लगे, और कुछ सेकंड के लिए ऐसा लगा जैसे कोई बड़ा ट्रक इमारत के पास से गुजर रहा हो।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) ने तुरंत जानकारी दी कि यह झटके म्यांमार में आए भूकंप के कारण थे। USGS (United States Geological Survey) और GFZ (German Research Centre for Geosciences) ने भी इसकी पुष्टि की। तीव्रता 5.9 से 6.1 बताई गई, और केंद्र म्यांमार के मगवे रीजन में था। गहराई 63 किमी होने के कारण झटके दूर तक फैले, लेकिन ज्यादा विनाशकारी नहीं बने।
कोलकाता के अलग-अलग इलाकों से रिपोर्ट्स आईं:
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सेंट्रल कोलकाता: लोग रेस्टोरेंट्स और घरों में बैठे थे, अचानक सोफा हिलने लगा।
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हावड़ा और साल्ट लेक: हाई-राइज बिल्डिंग्स में पैनिक, लोग सीढ़ियों से नीचे भागे।
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न्यू टाउन और दम दम: फर्नीचर हिलने की खबरें।
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आसपास के जिलों में भी हल्के झटके।
बांग्लादेश में ढाका और चटगांव में भी मजबूत कंपन महसूस हुआ। कई लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किए, जहां देखा जा सकता है कि कैसे लोग बाहर निकल रहे हैं। कुल मिलाकर, झटके 5-15 सेकंड तक चले, लेकिन कोई aftershock तुरंत नहीं आया।
वैज्ञानिक कारण: Earthquake Kolkata क्यों महसूस हुए?
भूकंप टेक्टोनिक प्लेट्स की गति से होते हैं। म्यांमार क्षेत्र इंडियन प्लेट और बर्मा प्लेट के बीच टकराव वाला जोन है। यहां इंडो-बर्मन सबडक्शन जोन सक्रिय है, जहां प्लेट्स एक-दूसरे के नीचे धंस रही हैं। इससे फॉल्ट लाइन्स पर तनाव बनता है, और जब तनाव रिलीज होता है, तो भूकंप आता है।
इस बार का भूकंप मध्यम तीव्रता का था (5.9-6.1), लेकिन गहराई ज्यादा होने के बावजूद (करीब 60 किमी), झटके दूर तक पहुंचे क्योंकि तरंगें अच्छे से फैलीं। कोलकाता इस जोन से करीब 600-700 किमी दूर है, लेकिन शहर जोन 3-4 में आता है, जहां मध्यम भूकंप संभव हैं।
अगर गहराई कम होती (10 किमी के आसपास), तो नुकसान ज्यादा होता। लेकिन इस बार गहराई ज्यादा थी, इसलिए सिर्फ हल्के-मध्यम झटके महसूस हुए।
कोलकाता का भूकंप इतिहास: पहले भी Earthquake Kolkata कई बार आया है
कोलकाता भूकंप से अछूता नहीं रहा। इतिहास देखें तो:
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1897 का असम भूकंप (8.0 तीव्रता): कोलकाता में भारी नुकसान।
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1934 का बिहार-नेपाल भूकंप (8.1): शहर प्रभावित।
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हाल के वर्षों में 2021 असम, 2023 मणिपुर, और कई छोटे-मोटे झटके म्यांमार या बांग्लादेश से आए।
जनवरी 2026 में भी म्यांमार में 3.9 का भूकंप आया था। यह क्षेत्र भूकंपीय रूप से सक्रिय है, इसलिए Earthquake Kolkata जैसी घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं: Earthquake Kolkata ट्रेंडिंग क्यों?
सोशल मीडिया पर तुरंत रिएक्शन आया। लोग अपने अनुभव शेयर कर रहे थे:
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“कोलकाता में भूकंप! सोफा हिल गया, बाहर निकल आए!”
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“हावड़ा में मजबूत झटके, क्या म्यांमार में था?”
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“Did you feel it in Kolkata or Howrah?”
कई ने वीडियो पोस्ट किए, जहां लोग सड़कों पर खड़े दिख रहे थे। कुछ ने मजाक उड़ाया, “भूकंप आया या मेरी डाइटिंग शुरू हो गई?” लेकिन ज्यादातर में चिंता थी। #EarthquakeKolkata भारत में ट्रेंडिंग टॉप टॉपिक्स में शामिल हो गया।
सरकारी और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
IMD और NCS ने तुरंत अलर्ट जारी किया। पश्चिम बंगाल सरकार ने स्थिति मॉनिटर की, और डिजास्टर मैनेजमेंट टीम्स ने चेक किया। कोई डैमेज रिपोर्ट नहीं आई। अधिकारी लोगों से शांत रहने और अफवाहों से बचने की अपील कर रहे हैं।
Earthquake Kolkata से बचाव: तैयारी कैसे करें?
भूकंप अप्रत्याशित होता है, लेकिन तैयारी से नुकसान कम किया जा सकता है:
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Drop, Cover, Hold On – झुकें, मेज के नीचे छिपें, पकड़ें।
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इमरजेंसी किट रखें – पानी, भोजन, टॉर्च, फर्स्ट एड।
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घर में फर्नीचर फिक्स करें, भारी सामान ऊपर न रखें।
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इमारतें भूकंप रेसिस्टेंट बनवाएं।
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परिवार के साथ ड्रिल करें।
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हाई-राइज में रहते हैं तो सीढ़ियां इस्तेमाल करें, लिफ्ट नहीं।




















