Doda Accident : 22 जनवरी 2026 की दोपहर करीब 10 से 12 बजे के बीच, सेना का कैस्पिर वाहन भद्रवाह से चंबा की ओर बढ़ रहा था। यह वाहन 20 जवानों से भरा हुआ था और एक उच्च ऊंचाई वाले पोस्ट या ऑपरेशन की ओर जा रहा था। खन्नी टॉप नामक जगह पर, जो करीब 9000 फीट की ऊंचाई पर है, वाहन का नियंत्रण अचानक खो गया। सड़क संकरी थी, मोड़ तीव्र थे और मौसम भी प्रतिकूल था। वाहन सड़क से उतरकर सीधे 200 फीट नीचे गहरी खाई में जा गिरा।
मौके पर मौजूद लोगों और अधिकारियों के अनुसार, वाहन के गिरते ही चीख-पुकार मच गई। आसपास के इलाके में धूल-धुंध फैल गई और बचाव कार्य तुरंत शुरू हो गया। सेना, पुलिस और स्थानीय राहत दल ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। घायलों को स्ट्रेचर पर लादकर निकाला गया और कई को हेलीकॉप्टर से उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल एयरलिफ्ट किया गया। शहीदों के शवों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि वाहन का संतुलन बिगड़ने का मुख्य कारण सड़क पर फिसलन, ड्राइवर का नियंत्रण खोना या मैकेनिकल समस्या हो सकती है। लेकिन पूरी जांच चल रही है। यह वाहन बुलेटप्रूफ था, जो आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए इस्तेमाल होता है, लेकिन पहाड़ी रास्तों पर भी ऐसे वाहन कभी-कभी असंतुलित हो जाते हैं।
यह हादसा हमें याद दिलाता है कि जम्मू-कश्मीर के ऐसे इलाकों में सैनिकों की ड्यूटी कितनी जोखिम भरी है। वे न सिर्फ दुश्मन से लड़ते हैं, बल्कि प्रकृति की मार भी सहते हैं।

शहीद जवानों की बहादुरी: उनके बलिदान को सलाम | Doda Accident
इन 10 शहीद जवानों ने देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। वे 4 राष्ट्रीय राइफल्स या इसी तरह की यूनिट से थे, जो डोडा में लगातार आतंकवादियों का मुकाबला कर रही है। उनके नाम और विवरण धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं, लेकिन उनकी पहचान से ज्यादा महत्वपूर्ण है उनका बलिदान।
ये जवान अपने परिवारों से दूर, ठंडी पहाड़ियों में तैनात थे। उनके पास घर की यादें थीं, लेकिन ड्यूटी सबसे ऊपर थी। हादसे के बाद उनके परिवारों का दर्द कल्पना से परे है। मां-बाप, पत्नी, बच्चे – सब रो रहे हैं। लेकिन राष्ट्र उनके साथ खड़ा है।
हमारी सेना के जवान रोज ऐसे जोखिम उठाते हैं। वे जानते हैं कि वापसी की गारंटी नहीं, फिर भी मुस्कुराकर जाते हैं। इन शहीदों को नमन। जय हिंद!
देश भर से आई प्रतिक्रियाएं: शोक और श्रद्धांजलि की लहर
इस हादसे की खबर फैलते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया और शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हमारे बहादुर सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और घायलों को हर संभव मदद मिलेगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शोक व्यक्त किया और जांच के आदेश दिए। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने परिवारों से मिलने और सहायता का वादा किया।
बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनके परिवारों के साथ प्रार्थनाएं हैं और शहीदों को सलाम। सोशल मीडिया पर #DodaTragedy और #IndianArmy ट्रेंड कर रहे हैं। लाखों लोग पोस्ट कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। लोग लिख रहे हैं – “शहीदों अमर रहें”, “जय हिंद”।
सेना के उच्चाधिकारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन की सराहना की और कहा कि मनोबल ऊंचा रहेगा। अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि समारोह में बड़े पैमाने पर लोग शामिल हुए।





















