Pappu Yadav की गिरफ्तारी: 31 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में बिहार सांसद की हिरासत, क्या है राजनीतिक साजिश?
Pappu Yadav, जिनका असली नाम राजेश रंजन है, बिहार की राजनीति में एक जाना-माना नाम हैं। वे पूर्णिया से निर्दलीय सांसद हैं और अपनी दबंग छवि के लिए मशहूर हैं। फरवरी 2026 में Pappu Yadav की गिरफ्तारी ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। यह घटना न केवल एक पुराने कानूनी मामले से जुड़ी है, बल्कि Pappu Yadav के हालिया विरोध प्रदर्शनों से भी जुड़ी हुई लगती है, खासकर पटना में एक NEET छात्रा के बलात्कार और मौत के मामले में।
Pappu Yadav का राजनीतिक सफर: एक दबंग नेता की कहानी
Pappu Yadav का जन्म 1967 में बिहार के पूर्णिया जिले में हुआ था। उनका असली नाम राजेश रंजन है, लेकिन राजनीति में वे Pappu Yadav के नाम से प्रसिद्ध हैं। Pappu Yadav ने अपनी राजनीतिक यात्रा 1990 में शुरू की, जब वे पहली बार विधायक बने। उसके बाद वे कई बार लोकसभा सदस्य चुने गए। 2024 के लोकसभा चुनाव में Pappu Yadav ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पूर्णिया सीट से जीत हासिल की, जो उनकी लोकप्रियता का सबूत है।
Pappu Yadav की छवि एक ऐसे नेता की है जो गरीबों, दलितों और दबे-कुचले लोगों की आवाज उठाते हैं। वे बिहार में अपराध, भ्रष्टाचार और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर लगातार बोलते रहे हैं। हालांकि, Pappu Yadav खुद भी कई विवादों में घिरे रहे हैं। उन पर हत्या, अपहरण, जमीन हड़पने और अन्य आपराधिक मामलों के आरोप लगे हैं, लेकिन वे कई मामलों में अदालत से बरी भी हो चुके हैं।
Pappu Yadav ने जनता दल, समाजवादी पार्टी, RJD और अन्य दलों से जुड़कर राजनीति की, लेकिन हाल के वर्षों में वे निर्दलीय रहकर काफी सक्रिय हैं। बिहार की राजनीति में Pappu Yadav का प्रभाव मुख्य रूप से पूर्णिया, कटिहार, अररिया और आसपास के सीमांचल क्षेत्र में है। वे यादव समुदाय के प्रमुख नेता माने जाते हैं और उनकी सभाओं में भारी भीड़ जुटती है। Pappu Yadav की शादी लालू प्रसाद यादव की बेटी रंजीत रंजन से हुई है, जो कांग्रेस नेता हैं। यह पारिवारिक रिश्ता भी उनकी राजनीतिक ताकत को बढ़ाता है।





















