Delimitation क्या है? बुनियादी समझ
सबसे पहले तो Delimitation शब्द को समझ लें। Delimitation का मतलब है चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से तय करना। भारत जैसे विविध देश में आबादी के हिसाब से लोकसभा और विधानसभा सीटों को बराबर बांटना जरूरी है। Constitution के Article 82 और 170 के तहत हर Census के बाद Delimitation होता था।
पहला Delimitation 1952 में हुआ, फिर 1963, 1973 और 2002 में। लेकिन 1976 में Indira Gandhi सरकार ने फ्रीज लगा दिया – 1971 Census के आधार पर सीटें फिक्स कर दी गईं। 2002 में भी Delimitation Commission ने constituency boundaries बदलीं, लेकिन राज्यवार लोकसभा सीटों की संख्या 1971 Census पर ही रही। कारण? दक्षिण के राज्य (तमिलनाडु, केरल, आंध्र) ने परिवार नियोजन को सफलतापूर्वक लागू किया, आबादी कम बढ़ी। अगर 2011 Census पर Delimitation होता तो उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान जैसे राज्यों को ज्यादा सीटें मिलतीं और दक्षिण के राज्यों की हिस्सेदारी घट जाती।
फिर 2026 Census के बाद Delimitation का वादा था। लेकिन अब Delimitation Bill 2026 इसे पहले ही कर रहा है। सरकार कह रही है कि “latest census figures” के आधार पर होगा – यानी Census 2026 पूरा होने से पहले भी शुरू हो सकता है।
Delimitation Bill 2026: क्या-क्या बदल रहा है? पूरी डिटेल्स
14 अप्रैल 2026 को सरकार ने MPs के पोर्टल पर तीन बिल्स के ड्राफ्ट सर्कुलेट किए। Special Session 16-18 अप्रैल तक चलेगा। मुख्य पॉइंट्स:
- Lok Sabha Expansion: सीटें 543 से बढ़कर 850। States को 815, UTs को 35।
- Constitution Amendment: Article 82 को “Readjustment of constituencies” बनाना। अब हर Census के बाद अनिवार्य नहीं – “such census as may be specified”।
- Delimitation Commission: 3 सदस्य – SC Judge (चेयरमैन), Chief Election Commissioner या nominee, और संबंधित राज्य का State Election Commissioner। हर राज्य में 10 associate members (5 MPs + 5 MLAs) – लेकिन वोटिंग राइट नहीं।
- Women’s Reservation: 33% सीटें महिलाओं के लिए। Delimitation के तुरंत बाद लागू। पहले 2029 चुनाव से संभव।
- State Assemblies: उनकी सीटें भी बढ़ेंगी। Population के आधार पर readjustment।
- PoK Provision: Delimitation Bill में J&K के Pakistan-occupied areas के लिए भविष्य में Delimitation का क्लॉज।
सरकार का दावा: कोई राज्य अपनी मौजूदा proportional strength नहीं खोएगा। Home Minister Amit Shah ने कहा – सभी राज्यों की सीटें बढ़ेंगी (लगभग आधी)। लेकिन Opposition कह रहा है कि draft bills में ये assurance नहीं लिखा है।
Delimitation Bill की Statement of Objects and Reasons में साफ लिखा: “To provide reservation of seats for women… after delimitation based on latest census.”
North-South Divide: क्यों दक्षिण के राज्य गुस्से में हैं?
यह सबसे हॉट टॉपिक है। तमिलनाडु CM, DMK, Telangana, Karnataka, Kerala – सभी चेतावनी दे रहे हैं। कारण?
- 1971 Census पर UP की population 11% थी, लेकिन अब 2026 तक उत्तर की आबादी दक्षिण से कहीं ज्यादा बढ़ चुकी।
- अगर pure population basis पर Delimitation तो UP, Bihar को 100+ अतिरिक्त सीटें, जबकि TN, Kerala को बहुत कम।
- दक्षिण कहता है: हमने population control किया, education और economy पर फोकस किया। अब सजा क्यों?
DMK, TMC, Congress ने INDIA Bloc meeting में तय किया – Delimitation provisions के खिलाफ वोट। Mallikarjun Kharge ने कहा: “Women’s reservation का हम समर्थन करते हैं, लेकिन Delimitation नहीं।”
एक अनुमान: दक्षिण की लोकसभा हिस्सेदारी 20% से घटकर 15% रह सकती है। Federalism पर खतरा!
सरकार का जवाब: “No state will lose current strength.” लेकिन Opposition पूछ रहा – draft में क्यों नहीं लिखा?
Women’s Reservation और Delimitation Bill का लिंक
2023 में Nari Shakti Vandan Adhiniyam पास हुआ था – 33% women reservation। लेकिन लागू तभी जब Delimitation हो। Delimitation Bill 2026 इसी को 2029 चुनाव से पहले लागू करने का रास्ता बना रहा है।
फायदे: महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी। लेकिन critics कहते हैं – women’s quota को pretext बनाकर political map बदला जा रहा है। BJP के favor में tilt क्योंकि north states में BJP मजबूत।
विपक्ष की रणनीति और Special Parliament Session
INDIA Bloc एकजुट। Congress, DMK, TMC, SP – सभी Delimitation Bill का विरोध। कुछ राज्य Supreme Court जाने की बात कर रहे। Tamil Nadu CM ने protests का ऐलान किया।
Expert Views, Historical Comparison और Global Perspective
भारत से पहले अमेरिका, UK में Delimitation कैसे हुआ? भारत में 2026 Census vs early Delimitation के pros-cons।



















