फौजा सिंह, जिनकी उम्र 114 साल थी, दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन रनर माने जाते हैं। उन्होंने 89 साल की उम्र में दौड़ना शुरू किया और 100 वर्ष की उम्र में कई अंतरराष्ट्रीय मैराथन पूरी कीं।
वो सिर्फ एक एथलीट नहीं थे, बल्कि हजारों लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत थे। पंजाब के रहने वाले फौजा सिंह ने यह साबित किया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है।
🟠 हादसा कैसे हुआ? सुबह की सैर ने ली जान
15 जुलाई 2025 की सुबह फौजा सिंह रोज़ की तरह सुबह की सैर पर निकले थे। उसी दौरान एक काली रंग की Toyota Fortuner SUV ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मारी।
गाड़ी घटनास्थल से भाग निकली, और चश्मदीदों ने पुलिस को तुरंत सूचित किया। पास लगे CCTV कैमरों से गाड़ी की पहचान में मदद मिली।
🟡 NRI आरोपी अमृतपाल सिंह कौन है?
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी अमृतपाल सिंह ढिल्लों, 30 वर्षीय NRI है, जो कनाडा से पंजाब अपने परिवार से मिलने आया था।
वह खुद SUV चला रहा था और हादसे के समय तेज़ रफ्तार में था। सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें वायरल हुई हैं जिसमें वह उसी गाड़ी के साथ नजर आता है।
#WATCH | Jalandhar, Punjab: The man who rammed his car into 114-year-old legendary marathon runner Fauja Singh has been arrested, say police
SSP Rural Harvinder Singh Virk says, “The accused has been identified as Amritpal Singh Dhillon ,and he is 26 years old. He works in… pic.twitter.com/FcX4lZgLsb
— ANI (@ANI) July 16, 2025
🔵 पुलिस जांच और तेज़ कार्रवाई की टाइमलाइन
पंजाब पुलिस ने 30 घंटे के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने GPS डेटा, CCTV फुटेज, और गाड़ी के डेंट्स की मदद से यह पुष्टि की कि वही गाड़ी हादसे में शामिल थी।
गाड़ी जब्त कर ली गई है और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी गई है।
👉 इसी तरह की तेज़ जांच और मेडिकल निगरानी का उदाहरण ISRO ने भी हाल ही में दिया था। पढ़ें पूरी रिपोर्ट:
🔗 ISRO का बयान: शुभांशु शुक्ला की हालत स्थिर, मेडिकल निगरानी में जारी जांच
🟢 फैमिली और फैंस का दर्द: ‘हमें न्याय चाहिए’
फौजा सिंह के परिजनों ने भावुक होकर कहा, “हमें सिर्फ न्याय चाहिए। उन्होंने पूरी ज़िंदगी समाज को प्रेरित किया है।”
सोशल मीडिया पर लोगों ने #JusticeForFaujaSingh ट्रेंड किया और श्रद्धांजलि पोस्ट की बाढ़ आ गई।
खेल जगत से कई नामी हस्तियों ने भी फौजा सिंह के निधन पर दुख व्यक्त किया।
🟤 कानूनी कार्यवाही: क्या कदम उठाए गए?
अमृतपाल सिंह पर IPC की धारा 304A, 279, 337 और 338 के तहत केस दर्ज किया गया है।
उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।
पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है ताकि वह भारत से भाग न सके। अब इस केस में चार्जशीट तैयार की जा रही है।
🔴 इस घटना से क्या सीख मिलती है?
- सड़क सुरक्षा को लेकर आम नागरिकों और ड्राइवरों में जिम्मेदारी बढ़ानी होगी।
- यह केस एक मिसाल है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है – चाहे वह NRI ही क्यों न हो।
- पंजाब पुलिस की फुर्ती और तकनीकी जांच सराहनीय रही।
⚫ फौजा सिंह की विरासत और न्याय की उम्मीद
फौजा सिंह भले ही अब हमारे बीच न हों, लेकिन उनका जीवन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
लोगों की उम्मीद है कि अदालत इस केस में जल्द न्याय देगी और यह हिट एंड रन जैसी घटनाओं को रोकने में मददगार होगा।
🔽 आपकी राय क्या है?
क्या ऐसे मामलों में और सख्त कानून की ज़रूरत है? कमेंट कर के हमें बताएं।




















