ईरान में विरोध प्रदर्शन कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन 2026 की शुरुआत में ये प्रदर्शन फिर से भड़क उठे। मुख्य कारण आर्थिक संकट, मुद्रास्फीति, और सरकार की सख्त नीतियां हैं। प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं, और रिपोर्ट्स के अनुसार, सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका ने इन प्रदर्शनों का समर्थन किया है, और ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों पर दमन जारी रखता है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इसी डर से ईरान ने 15 जनवरी 2026 को अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया।
Iran Airspace बंद होने की खबर सबसे पहले अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) की वेबसाइट पर आई। ईरान ने NOTAM (Notice to Airmen) जारी किया, जिसमें कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को छोड़कर सभी उड़ानें प्रतिबंधित हैं। यह बंदी लगभग 5 घंटे तक चली, और सुबह होते-होते हवाई क्षेत्र फिर से खोल दिया गया। लेकिन कई एयरलाइंस ने सतर्कता बरतते हुए ईरान के ऊपर से उड़ानें बंद कर दीं। यूरोपीय एयरलाइंस जैसे लुफ्थांसा और ब्रिटिश एयरवेज ने वैकल्पिक रूट अपनाए, जैसे अफगानिस्तान या मध्य एशिया से होकर।
भारत में यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ईरान एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। तेल आयात से लेकर छात्रों की पढ़ाई तक, हजारों भारतीय ईरान से जुड़े हैं। विदेश मंत्रालय ने सलाह जारी की कि गैर-जरूरी यात्रा से बचें, और निकासी की तैयारी शुरू कर दी है। कलकत्ता जैसे शहरों में रहने वाले लोग, जहां से ईरान की उड़ानें सीधी नहीं हैं, फिर भी चिंतित हैं क्योंकि वैश्विक उड्डयन प्रभावित हो रहा है।
Iran Airspace बंद होने का वैश्विक प्रभाव
Iran Airspace पूर्व-पश्चिम उड़ान मार्गों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यूरोप से एशिया जाने वाली उड़ानें अक्सर ईरान के ऊपर से गुजरती हैं। बंदी के दौरान, कई उड़ानें डायवर्ट हो गईं, जैसे कतर एयरवेज और एमिरेट्स की फ्लाइट्स। फ्लाइट रडार 24 के अनुसार, ईरान के ऊपर से उड़ानें लगभग शून्य हो गईं। एयरलाइंस को अतिरिक्त ईंधन और समय की लागत उठानी पड़ी, जिससे टिकट कीमतें बढ़ सकती हैं।
अमेरिका ने कहा कि ईरान के प्रदर्शनों में दमन रुक गया है, लेकिन तनाव बरकरार है। ट्रंप ने कहा, “कत्ल रुक गया है,” लेकिन सभी विकल्प खुले हैं। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है, और कोई फांसी की योजना नहीं है। फिर भी, जर्मनी ने अपनी एयरलाइंस को ईरान के ऊपर से उड़ानें न भरने की सलाह दी।
भारत में, एयर इंडिया और इंडिगो जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं। एयर इंडिया ने कहा कि ईरान के ऊपर से उड़ानें वैकल्पिक रूट से जाएंगी, जिससे देरी हो सकती है। इंडिगो की दिल्ली-बाउंड फ्लाइट ईरान हवाई क्षेत्र से ठीक पहले निकली, अन्यथा फंस जाती। स्पाइसजेट ने भी चेतावनी जारी की।
वैश्विक राजनीतिक अपडेट
भारत पर प्रभाव: उड़ानें, निकासी और आर्थिक असर
भारत में Iran Airspace की खबर ट्रेंडिंग है क्योंकि लगभग 10,000 भारतीय ईरान में हैं। इनमें छात्र, तीर्थयात्री और व्यापारी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने निकासी की तैयारी शुरू की है, और पहली उड़ान आज आ सकती है। दूतावास ने भारतीयों से संपर्क किया है कि विरोध स्थलों से दूर रहें।
उड्डयन क्षेत्र में, यूएस, यूरोप और मध्य एशिया की उड़ानें प्रभावित हैं। एयर इंडिया ने तीन यूएस फ्लाइट्स रद्द कीं, और यूरोप सेवाओं को रीरूट किया। इंडिगो की सीआईएस देशों, तुर्की और यूरोप की उड़ानें देरी से चल रही हैं। पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र पहले से बंद होने से समस्या दोगुनी हो गई है।





















