CBSE Latest News : सीबीएसई, यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन, भारत की शिक्षा प्रणाली का एक मजबूत स्तंभ है। यह बोर्ड न केवल लाखों स्कूलों को मान्यता देता है बल्कि करोड़ों छात्रों के भविष्य को आकार देता है। 2025 में सीबीएसई ने कई सुधार किए, जैसे दो बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत, नई पॉलिसीज़ और क्लास 10th तथा 12th की परीक्षाओं में बदलाव। लेकिन दिसंबर 2025 में जो खबरें ट्रेंड कर रही हैं, वे छात्र सुरक्षा और परीक्षा प्रबंधन से जुड़ी हैं।
कल्पना कीजिए, एक स्कूल जहां बच्चे सुरक्षित महसूस न करें, या परीक्षाएं जो अचानक स्थगित हो जाएं – ये मुद्दे न केवल अभिभावकों को चिंतित करते हैं बल्कि पूरे शिक्षा सिस्टम पर सवाल उठाते हैं। इस ब्लॉग में हम पहले नीरजा मोदी स्कूल की घटना पर फोकस करेंगे, जो छात्र सुरक्षा के मुद्दे को उजागर करती है, फिर परीक्षा स्थगन और अन्य सुधारों पर बात करेंगे। हमारा उद्देश्य है कि यह जानकारी आपको अपडेट रखे और SEO फ्रेंडली तरीके से लिखी जाए, ताकि “CBSE Latest News” जैसे कीवर्ड्स से सर्च करने पर आसानी से मिले।
घटना का विवरण: नीरजा मोदी स्कूल में क्या हुआ?
जयपुर का नीरजा मोदी स्कूल, जो एक प्रतिष्ठित संस्थान माना जाता था, अब विवादों के घेरे में है। 1 नवंबर 2025 को एक दुखद घटना घटी – क्लास 4 की 9 साल की छात्रा अमायरा कुमार (कुछ रिपोर्ट्स में अमायरा या अमैरा) ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना न केवल दिल दहला देने वाली है बल्कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
अमायरा के माता-पिता, विजय और शिवानी मीना, ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी बेटी को स्कूल में बुलिंग का शिकार बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा, “हमारी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिक्षकों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।” रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमायरा ने मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन शिक्षकों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। यह घटना स्कूल के परिसर में हुई, जहां सुरक्षा के बुनियादी नियमों का पालन नहीं किया गया।
नीरजा मोदी स्कूल, जो सीबीएसई से संबद्ध था, अब इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। घटना के बाद सीबीएसई ने तुरंत एक फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी गठित की, जो 3 नवंबर को स्कूल पहुंची और 12 नवंबर को माता-पिता से मिली। जांच में पाया गया कि स्कूल में काउंसलिंग मैकेनिज्म और शिकायत निवारण प्रणाली पूरी तरह से फेल थी। यह एक ऐसा मामला है जो बताता है कि कैसे छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़ी त्रासदियों का कारण बन सकती हैं।
इस घटना ने पूरे भारत में हलचल मचा दी। सोशल मीडिया पर #JusticeForAmaira जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे, और कई न्यूज चैनलों ने इसे कवर किया। अभिभावक अब सोच रहे हैं – क्या उनके बच्चे स्कूल में सुरक्षित हैं? यह खबर “CBSE Latest News” में टॉप पर है क्योंकि यह छात्र सुरक्षा से जुड़ी है, जो आज की प्राथमिकता है।
सीबीएसई की जांच और निर्णय: मान्यता रद्द क्यों?
सीबीएसई ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया। 30 दिसंबर 2025 को जारी एक 8 पेज के आदेश में बोर्ड ने नीरजा मोदी स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्तर तक की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी। जांच रिपोर्ट में “छात्र सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन” का जिक्र किया गया। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
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काउंसलिंग और शिकायत सिस्टम की विफलता: स्कूल में कोई प्रभावी काउंसलिंग नहीं थी। अमायरा जैसी घटनाएं रोकी जा सकती थीं अगर सिस्टम सही होता।
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सुरक्षा नियमों का उल्लंघन: चौथी मंजिल पर पैरापेट से गिरना – यह बताता है कि स्कूल में बुनियादी सुरक्षा उपाय नहीं थे।
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विलफुल नॉन-ऑब्जर्वेंस: बोर्ड ने कहा कि स्कूल ने जानबूझकर नियमों की अनदेखी की, जो छात्रों की शारीरिक और मानसिक सेहत को प्रभावित करता है।
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सख्त कार्रवाई: सीबीएसई ने इसे “सबसे गंभीर सजा” बताया, क्योंकि यह एफिलिएशन के मूल आधार को हिलाता है।
आदेश में यह भी कहा गया कि क्लास 10 और 12 के छात्र 2025-26 की परीक्षाएं उसी स्कूल से दे सकते हैं, लेकिन क्लास 9 और 11 के छात्रों को 31 मार्च 2026 तक दूसरे स्कूल में शिफ्ट होना होगा। नए एडमिशन बंद हैं, और मान्यता बहाल करने के लिए कम से कम 2 साल लगेंगे। क्लास 1-8 का फैसला राजस्थान सरकार पर निर्भर है।
यह निर्णय सराहनीय है, लेकिन सवाल उठता है – क्या अन्य स्कूलों में भी ऐसी जांच होनी चाहिए? सीबीएसई के इस कदम ने अन्य स्कूलों को चेतावनी दी है कि छात्र सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। “CBSE Latest News” में यह खबर इसलिए ट्रेंडिंग है क्योंकि यह शिक्षा में जवाबदेही का उदाहरण है।
प्रभाव और निहितार्थ: छात्र सुरक्षा पर बड़ा असर
इस घटना के बाद क्या होगा? सबसे पहले, नीरजा मोदी स्कूल के हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा। अभिभावक अब नए स्कूल ढूंढ रहे हैं, जो एक चुनौती है। लेकिन बड़ा मुद्दा है पूरे देश में छात्र सुरक्षा का। भारत में हर साल स्कूलों में बुलिंग, मानसिक तनाव और सुसाइड के मामले बढ़ रहे हैं। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में छात्र सुसाइड के केस 10% बढ़े थे।
सीबीएसई की यह कार्रवाई एक मिसाल बनेगी। अब स्कूलों को अपने काउंसलिंग सिस्टम को मजबूत करना होगा। अभिभावकों को सलाह है कि स्कूल चुनते समय सुरक्षा मानकों की जांच करें। सरकार और बोर्ड को भी ज्यादा सख्त नियम बनाने चाहिए, जैसे नियमित ऑडिट और मेंटल हेल्थ प्रोग्राम।
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं देखें – कई यूजर्स ने कहा, “यह सही कदम है, लेकिन देर से आया।” अन्य ने मांग की कि सभी स्कूलों में सीसीटीवी और काउंसलर अनिवार्य हों। यह खबर शिक्षा विशेषज्ञों को भी सोचने पर मजबूर कर रही है कि कैसे हम बच्चों को सुरक्षित वातावरण दें। “CBSE Latest News” में यह टॉपिक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समाज को जागरूक कर रहा है।
अन्य सीबीएसई समाचार: परीक्षा स्थगन और सुधार
नीरजा मोदी मामले के अलावा, दिसंबर 2025 में एक और खबर ट्रेंड कर रही है – क्लास 10 और 12 की कुछ परीक्षाओं का स्थगन। सीबीएसई ने 30 दिसंबर को घोषणा की कि 3 मार्च 2026 को होने वाली कुछ परीक्षाएं स्थगित की जा रही हैं। कारण प्रशासनिक हैं, लेकिन विस्तार से देखें:
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क्लास 10: तिब्बती, जर्मन, नेशनल कैडेट कोर, भोटी, लिंबू, लेपचा और कार्नेटिक म्यूजिक (वोकल) की परीक्षाएं अब 11 मार्च 2026 को होंगी।
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क्लास 12: लीगल स्टडीज की परीक्षा 10 अप्रैल 2026 को शिफ्ट हुई है।
बोर्ड ने कहा कि बाकी टाइमटेबल में कोई बदलाव नहीं है। छात्रों को सलाह है कि आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in चेक करें। यह स्थगन छात्रों के लिए राहत है, लेकिन तैयारी पर असर पड़ सकता है।
2025 में सीबीएसई ने बड़े सुधार किए। उदाहरण के लिए, दो बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत – एक मुख्य और एक सप्लीमेंट्री – जो छात्रों को बेहतर स्कोर का मौका देती है। नई पॉलिसीज़ में एआई करिकुलम, प्रैक्टिकल एग्जाम में बदलाव और राज्य बोर्ड्स के साथ समन्वय शामिल हैं। इन बदलावों ने क्लास 10th और 12th को ज्यादा फ्लेक्सिबल बनाया है। लेकिन चुनौतियां हैं, जैसे डिजिटल डिवाइड और मेंटल हेल्थ सपोर्ट।
2025 में सीबीएसई सुधार: एक नजर
2025 सीबीएसई के लिए ट्रांसफॉर्मेटिव साल रहा। दो बोर्ड एग्जाम सिस्टम ने छात्रों को तनाव कम करने में मदद की। नई पॉलिसीज़ में शामिल हैं:
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डुअल एग्जाम: छात्र बेहतर स्कोर चुन सकते हैं।
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नया करिकुलम: एआई, कोडिंग और वोकेशनल कोर्सेज पर फोकस।
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स्टेट बोर्ड्स के साथ एलाइनमेंट: पूरे भारत में एकरूपता।




















