एक पोस्ट के पीछे दो साल का तूफान
अगस्त 2026 की शुरुआत में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई। Anupama Parameswaran, जिन्हें हम प्रीमाम, करथिकेया 2, टिल्लू स्क्वायर और कई साउथ फिल्मों से जानते हैं, ने लिखा – “Sometimes, you have to let go of the dead ends to finally find your peace… From today, I choose my voice. I choose my life. No more permissions. No more fear.”
यह कोई सामान्य इंस्टाग्राम अपडेट नहीं था। इसके पीछे दो साल का शारीरिक और भावनात्मक विनाश छिपा था। 12-13 अगस्त 2026 को धान्या वर्मा के शो I AM with Dhanya Varma में अनुपमा ने पहली बार विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि उन्होंने दो साल तक नार्सिसिस्टिक एब्यूज झेला। नाम नहीं लिया, लेकिन बताया कि कैसे एक रिश्ता धीरे-धीरे उनकी पहचान को छोटा करता गया।

Anupama Parameswaran कौन हैं? संक्षिप्त परिचय
Anupama Parameswaran का जन्म 18 फरवरी 1996 को केरल के इरिंजालकुडा में हुआ। मलयालम फिल्म प्रीमाम (2015) से डेब्यू किया और तुरंत दिल जीत लिया। उसके बाद तेलुगु, तमिल और मलयालम सिनेमा में सक्रिय रहीं। आ आ, शतमानम भवति, कोड , जॉमोंटे सुविशेषंगल, करथिकेया 2, टिल्लू स्क्वायर, ड्रैगन, पारधा, बाइसन कालमाडन जैसी फिल्मों ने उन्हें पैन-इंडिया पहचान दी।
वे सिर्फ खूबसूरत चेहरा नहीं, बल्कि एक ऐसी अभिनेत्री हैं जिन्होंने अलग-अलग भाषाओं में अपनी जगह बनाई। लेकिन पर्दे के पीछे की जिंदगी कभी-कभी ज्यादा चुनौतीपूर्ण होती है। 2025 की शुरुआत में ध्रुव विक्रम (विक्रम के बेटे) के साथ डेटिंग की अफवाहें उड़ीं। दोनों बाइसन कालमाडन में साथ काम कर रहे थे। सेल्फी, स्पॉटिफाई प्लेलिस्ट, अवॉर्ड फंक्शन में शर्मीली मुस्कान – सबने अटकलें बढ़ाईं। दोनों ने कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की।
इंस्टाग्राम पोस्ट जिसने सबको हिला दिया
जुलाई 2026 में अनुपमा लंबे समय बाद इंस्टाग्राम पर लौटीं। उन्होंने नेचर और बीच की तस्वीरें शेयर कीं। कैप्शन में लिखा है कि कभी-कभी डेड एंड्स को छोड़ना पड़ता है, तभी शांति मिलती है। “आज से मैं अपनी आवाज चुनती हूं। अपनी जिंदगी चुनती हूं। अब कोई इजाजत नहीं। कोई डर नहीं।”
फैंस ने इसे ब्रेकअप का संकेत माना। कुछ ने हीलिंग की तारीफ की, कुछ ने अनावश्यक टिप्पणियां कीं। अनुपमा ने बाद में स्पष्ट किया कि पोस्ट रातोंरात नहीं आई। उसके पीछे दो साल का दर्द था। वे तब तक इंतजार करना चाहती थीं जब तक खुद पूरी तरह तैयार न हो जाएं।

नार्सिसिस्टिक एब्यूज क्या है? Anupama Parameswaran की जुबानी
Anupama Parameswaran ने सबसे पहले इस टर्म को समझने का जिक्र किया। उन्होंने मैडोना सेबेस्टियन का एक इंस्टाग्राम रील देखा जिसमें नार्सिसिस्टिक एब्यूज की बात हो रही थी। देखते ही उनका शरीर कांपने लगा। उन्होंने बताया कि तीन तरह के लोग होते हैं – जो खुद झेल चुके हैं या किसी करीबी को झेलते देखा है, जो टर्म सुन चुके हैं लेकिन अनुभव नहीं है, और जो इसे जेंडर बेस्ड बताकर नेगेटिव कमेंट करते हैं। सबसे खतरनाक वो हैं जो झेल रहे हैं लेकिन पहचान नहीं पा रहे हैं।
उन्होंने नार्सिसिस्टिक एब्यूज को अन्नियन फिल्म के किरदार से समझाया। एक दिन व्यक्ति रेमो जैसा होता है – सपना सा। अगले दिन अन्नियन – क्रूर। फिर माफी मांगता है, रोता है, वादा करता है, लव बॉम्बिंग करता है। यह चक्र चलता रहता है। पीड़ित को लगता है कि बिना उस व्यक्ति के जीना मुश्किल है। गलती हमेशा खुद में ढूंढने लगता है।
अनुपमा ने कहा कि उनका वजन काफी कम हो गया। खिलने की बजाय सिकुड़ने लगीं। “I started to shrink.” रिश्ता सिर्फ भावनात्मक नहीं, शारीरिक विनाश भी लेकर आया।
रिश्ते की शुरुआत और तेजी से आगे बढ़ना
TOI और अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार अनुपमा ने बताया कि पहले एक-दो डेट के बाद ही व्यक्ति ने घर बुलाया, परिवार से मिलवाया। तीन महीने के अंदर सगाई की बातें शुरू हो गईं। परिवार पूछने लगा कि कहां होगी, कितने लोग आएंगे। अनुपमा ने सगाई ठुकरा दी और समय मांगा। उन्होंने “गोल्ड डिगर” कहे जाने वाले आरोपों का भी जवाब दिया। अगर उन्होंने सगाई मान ली होती तो शादी तलाक में खत्म होती। उन्होंने खुद फैसला लिया कि और समय चाहिए।
यह बताता है कि नियंत्रण कितनी जल्दी शुरू हो जाता है। नार्सिसिस्ट अक्सर रिश्ते को तेजी से आगे बढ़ाते हैं ताकि पीड़ित बंध जाए।
करियर पर असर
अनुपमा ने एक महत्वपूर्ण बात कही। ड्रैगन उनकी करियर की सबसे बड़ी सफलता थी, लेकिन उन्होंने प्रमोशन नहीं किया। कई फिल्में ठुकरा दीं। व्यक्ति ने सिर्फ काम नहीं, जिंदगी के हर पहलू को कंट्रोल करना शुरू कर दिया। यह कई महिलाओं की कहानी है – करियर, दोस्त, परिवार, यहां तक कि सोशल मीडिया पोस्ट पर भी रोक।
हीलिंग का सफर
अनुपमा ने जोर दिया कि पोस्ट तब आई जब वे हील हो चुकी थीं। परिवार, दोस्त और स्टाफ पहले से बदलाव देख रहे थे। वे खुद में सिमट रही थीं। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने पीली ड्रेस में फोटो डालकर “रेस्ट इन पीस अनुपमा” लिखा होता तो शायद ज्यादा सहानुभूति मिलती। लेकिन उन्होंने चुपचाप हीलिंग चुनी।
हीलिंग में समय लगता है। पहचानना, स्वीकारना, बाहर निकलना, फिर अपनी आवाज वापस पाना – सब स्टेप अलग-अलग हैं। अनुपमा ने फैंस का शुक्रिया अदा किया। उनके मैसेज, प्रार्थनाएं मुश्किल वक्त में पहुंचे।
नार्सिसिस्टिक एब्यूज पर जागरूकता क्यों जरूरी है
यह सिर्फ एक सेलिब्रिटी की कहानी नहीं। भारत में मानसिक स्वास्थ्य अभी भी टैबू है। नार्सिसिस्टिक एब्यूज में गैसलाइटिंग, लव बॉम्बिंग, डीवैल्यूएशन, डिसकार्ड का चक्र चलता है। पीड़ित अक्सर खुद को दोषी मानता है। वजन घटना, आत्मविश्वास खोना, सोशल विदड्रॉअल आम लक्षण हैं।
अगर आप या कोई जानने वाला ऐसा अनुभव कर रहा है तो प्रोफेशनल मदद लें। हेल्पलाइन्स उपलब्ध हैं। बात करना कमजोरी नहीं, ताकत है। अनुपमा ने नाम न लेकर भी कई लोगों को आवाज दी।
करियर की वापसी और आने वाली फिल्में
अनुपमा अब फोकस करियर पर रख रही हैं। क्रेजी कल्याणम का टीजर रिलीज हो चुका है – फैमिली एंटरटेनर। भोगी में शारवानंद के साथ, जहां उन्होंने कांडुला सुलोचना रानी का रस्टिक लुक दिया है। रिलीज 28 अगस्त 2026 के आसपास। मनोवैज्ञानिक थ्रिलर भी साइन किया है। लॉकडाउन, मरीचिका जैसी फिल्में भी पाइपलाइन में हैं।
वे साबित कर रही हैं कि व्यक्तिगत संकट के बाद भी प्रोफेशनल जिंदगी आगे बढ़ सकती है।
सोसाइटी और मीडिया की भूमिका
अफवाहें, स्पेकुलेशन, गोल्ड डिगर जैसे लेबल – महिलाओं पर जल्दी लगते हैं। अनुपमा ने एक कार्यक्रम में कहा था – “आप मेरे बारे में क्या जानते हैं? मेरी जिंदगी के बारे में क्या जानते हैं?” यह सवाल हर किसी के लिए है जो बिना जाने जजमेंट देता है।
मीडिया को संवेदनशील रहना चाहिए। टॉक्सिक रिलेशनशिप की खबर देते समय पीड़ित की प्राइवेसी और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है।
अपनी आवाज चुनना ही असली जीत है
अनुपमा परमेश्वरन की कहानी दर्द की है, लेकिन हार की नहीं। दो साल के नार्सिसिस्टिक एब्यूज के बाद उन्होंने खुद को चुना। शांति पाई। आवाज वापस ली। किसी की इजाज़त नहीं मांगी।


















