भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो सिर्फ मनोरंजन नहीं देतीं, बल्कि पूरे देश की कल्पनाशक्ति को झकझोर देती हैं। एसएस राजामौली की Varanasi Movie ठीक वैसी ही फिल्म बन रही है। महेश बाबू की अगुवाई में बन रही यह महाकाव्य अब सिर्फ अफवाहों का विषय नहीं रह गई है। 2026 के मध्य तक आते-आते इसकी शूटिंग का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है, बड़े-बड़े एक्शन सीक्वेंस फिल्माए जा चुके हैं और दर्शक अब 7 अप्रैल 2027 की तारीख का इंतजार कर रहे हैं।
Varanasi क्या है और क्यों इतनी चर्चा हो रही है?
Varanasi Movie एसएस राजामौली की आरआरआर के बाद पहली बड़ी फीचर फिल्म है। कहानी हजारों सालों में फैली हुई है। इसमें पौराणिक तत्व, विज्ञान कथा, टाइम ट्रैवल और प्राकृतिक आपदाएं एक साथ जुड़ी हैं। केंद्र में पिता-पुत्र का भावनात्मक रिश्ता है। राजामौली ने खुद कहा है कि दर्शक अंटार्कटिका की ठंड, रामायण के देवताओं, प्राकृतिक आपदाओं और शानदार तत्वों का अनुभव करेंगे, लेकिन मूल में पिता-पुत्र की भावनाएं हैं।
महेश बाबू दोहरी भूमिका में हैं – रुद्र और भगवान राम। प्रियंका चोपड़ा मंदाकिनी के रूप में नजर आएंगी। यह उनकी भारतीय सिनेमा में लंबी अनुपस्थिति के बाद वापसी है। पृथ्वीराज सुकुमारन कुंभ या कुंभकर्ण जैसे शक्तिशाली चरित्र में हैं। संगीत एमएम कीरावानी का है, जिन्होंने आरआरआर के लिए ऑस्कर जीता था।
फिल्म का बजट बहुत बड़ा बताया जा रहा है और यह आईमैक्स फॉर्मेट में शॉट हो रही है। हैदराबाद में आईमैक्स थिएटर की वापसी के साथ इसका रिलीज समय मेल खाता है।
लेटेस्ट न्यूज: अगस्त 2026 के अपडेट
सबसे ताजा खबर Mahesh Babu के जन्मदिन से जुड़ी है। 9 अगस्त 2026 को एसएस राजामौली ने अफ्रीका शेड्यूल की नई तस्वीरें शेयर कीं। इनमें महेश बाबू रुद्र के रूप में दिख रहे हैं। राजामौली ने लिखा – “Fierce isn’t his only shade… RUDHRA in #Varanasi।” तस्वीरें किलिमंजारो और मसाई मारा के आसपास शूट की गईं। प्रियंका चोपड़ा ने भी महेश बाबू को जन्मदिन की बधाई देते हुए एक अनदेखी फोटो शेयर की और लिखा कि वे #Varanasi के साथ अल्टीमेट एडवेंचर पर जा रहे हैं।
इससे पहले जून 2026 में राजामौली ने एनेसी इंटरनेशनल एनिमेशन फिल्म फेस्टिवल में महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने साफ किया कि वाराणसी बााहुबली की तरह फ्रैंचाइजी नहीं होगी। यह एक स्टैंडअलोन फिल्म है। उन्होंने कहा – “One film. Yes, one film.”
शूटिंग के बारे में उन्होंने बताया कि बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है। सभी महत्वपूर्ण बड़े स्पेक्टेकल एक्शन सीक्वेंस खत्म हो गए हैं। अब छोटे कनेक्टिंग सीन चल रहे हैं और सितंबर या अक्टूबर तक शूटिंग पूरी हो जाएगी।
कास्ट और किरदारों की गहराई
Mahesh Babu रुद्र के रूप में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही वे एक महत्वपूर्ण सीक्वेंस में भगवान राम के रूप में भी दिखेंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार रामायण से प्रेरित एक लंबा युद्ध सीक्वेंस होगा जिसमें राम और कुंभकर्ण का मुकाबला होगा। विजयेंद्र प्रसाद ने इसे लगभग 30 मिनट का बताया है।
प्रियंका चोपड़ा मंदाकिनी के रूप में एक मजबूत महिला किरदार निभा रही हैं। पृथ्वीराज सुकुमारन का किरदार विलेन या शक्तिशाली विरोधी के रूप में बताया जा रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में श्रुति हासन का भी जिक्र है। प्रोडक्शन श्री दुर्गा आर्ट्स और शोइंग बिजनेस के तहत हो रही है।
महेश बाबू ने इस रोल के लिए लंबे समय तक तैयारी की। कल्लारी मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली ताकि पोस्चर और मूवमेंट सही रहें। राजामौली की फिल्मों में एक्टर को शारीरिक और भावनात्मक दोनों स्तर पर तैयार रहना पड़ता है।
कहानी के संकेत और विजन
कहानी वाराणसी शहर से शुरू होकर अंटार्कटिका, अफ्रीका और अन्य जगहों तक जाती है। इसमें ट्रेता युग से कलियुग तक का सफर है। एक बड़ा खतरा पृथ्वी पर आ रहा है और मुख्य पात्र को प्राचीन रहस्यों से जुड़ना पड़ता है। राजामौली ने कहा कि कहानी लिखते समय वे खुद को तैरता हुआ महसूस करते थे।
फिल्म में विज्ञान और पौराणिक कथाओं का मिश्रण है। यह सिर्फ एक्शन नहीं, बल्कि भावनाओं की कहानी भी है। पिता-पुत्र का रिश्ता पूरी कहानी का दिल है।
प्रोडक्शन और तकनीकी चुनौतियां
शूटिंग हैदराबाद में बड़े सेट्स पर भी हुई है। वाराणसी के मंदिरों जैसे रत्नेश्वर महादेव की प्रतिकृति बनाई गई। अफ्रीका में जंगली जानवरों के साथ शूटिंग हुई। आईमैक्स कैमरों पर बड़े सीक्वेंस फिल्माए गए। वीएफएक्स का काम बहुत बड़ा होने वाला है।
राजामौली की टीम हमेशा स्केल को आगे बढ़ाती है। बााहुबली और आरआरआर के बाद वाराणसी और बड़े पैमाने पर है। बजट रिपोर्ट्स में बहुत ऊंचा बताया गया है।
रिलीज डेट और भाषाएं
फिल्म 7 अप्रैल 2027 को दुनिया भर में रिलीज होगी। यह उगादी और अन्य त्योहारों के आसपास है। तेलुगु, हिंदी, तमिल, मलयालम और कन्नड़ में रिलीज की योजना है।
Mahesh Babuऔर राजामौली की जोड़ी क्यों खास है?
महेश बाबू और राजामौली पहली बार साथ काम कर रहे हैं। महेश बाबू की स्क्रीन प्रेजेंस और राजामौली की कहानी कहने की कला मिलकर कुछ नया बना रही है। महेश बाबू के प्रशंसक लंबे समय से राजामौली के साथ उनकी फिल्म का इंतजार कर रहे थे।
दर्शकों की उम्मीदें और संभावित प्रभाव
वाराणसी से उम्मीद है कि यह भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करेगी। आईमैक्स अनुभव, पौराणिक तत्व और आधुनिक कहानी का मिश्रण युवा और परिवार दोनों को आकर्षित कर सकता है।
राजामौली की फिल्में हमेशा विजुअल और भावनात्मक दोनों स्तर पर याद रहती हैं। वाराणसी भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाएगी।
शूटिंग लगभग खत्म होने के करीब है। पोस्ट-प्रोडक्शन और वीएफएक्स का काम बाकी है। 2027 में जब फिल्म आएगी तब भारतीय सिनेमा का एक नया अध्याय शुरू होगा।


















