BRICS यानी ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का समूह। 2009 में शुरू हुआ यह संगठन आज उभरती अर्थव्यवस्थाओं का सबसे बड़ा मंच बन चुका है। अब इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात जैसे नए सदस्य जुड़ चुके हैं। BRICS दुनिया की लगभग आधी आबादी और वैश्विक जीडीपी का बड़ा हिस्सा कवर करता है।
यह सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और विकास का मंच भी है। न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) जैसे संस्थान BRICS की देन हैं, जो सदस्य देशों को इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं के लिए फंड देते हैं। भारत हमेशा से BRICS का मजबूत स्तंभ रहा है। 2012, 2016 और 2021 में भी भारत ने अध्यक्षता संभाली थी। अब 2026 में चौथी बार भारत की बारी है, और यह BRICS के 20 साल पूरे होने का साल भी है।
कल्पना कीजिए, जब दुनिया में जियोपॉलिटिकल तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और जलवायु संकट बढ़ रहे हैं, तब BRICS जैसे मंच उभरते देशों की आवाज बनते हैं। भारत की अध्यक्षता में यह मंच और मजबूत होने वाला है।
भारत ने BRICS 2026 की कमान संभाली: लोगो, थीम और वेबसाइट लॉन्च
13 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में एक भव्य समारोह में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने BRICS 2026 का आधिकारिक लोगो, थीम और वेबसाइट लॉन्च की। यह ठीक मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर हुआ, जब भारत में नई शुरुआत और फसल उत्सव मनाया जाता है।
लोगो में कमल का फूल प्रमुख है, जो भारतीय संस्कृति में समृद्धि, शुद्धता और निरंतरता का प्रतीक है। कमल की पंखुड़ियां सभी BRICS सदस्य देशों के रंगों से सजी हैं, जो एकता और विविधता को दर्शाती हैं। बीच में ‘नमस्ते’ का हाथ का इशारा है, जो सम्मान, स्वागत और सहयोग का संदेश देता है। यह लोगो MEA के ओपन कंटेस्ट से चुना गया था।
थीम है “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability”। जयशंकर ने इसे ‘मानवता पहले’ (Humanity First) और ‘लोगों पर केंद्रित’ (People-Centric) दृष्टिकोण से जोड़ा। उन्होंने कहा कि BRICS सदस्य देश मिलकर क्षमता मजबूत करेंगे, नवाचार को बढ़ावा देंगे और सस्टेनेबल विकास सुनिश्चित करेंगे।
वेबसाइट BRICS की सभी गतिविधियों, मीटिंग्स, इनिशिएटिव्स और आउटकम्स की जानकारी देगी। यह पारदर्शिता और सहभागिता बढ़ाएगी। जयशंकर ने कहा, “भारत BRICS को एक ऐसा मंच बनाना चाहता है जो व्यावहारिक, समावेशी और परिणाम-उन्मुख हो।”
यह लॉन्च भारत में सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड कर रहा है। लोग इसे वैश्विक नेतृत्व की नई शुरुआत मान रहे हैं।
देशभर की ताज़ा ब्रेकिंग न्यूज़
जयशंकर की ‘मानवता पहले’ रणनीति: वैश्विक चुनौतियों का जवाब
एस. जयशंकर ने स्पष्ट कहा कि दुनिया आज जटिल चुनौतियों से घिरी है – जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, आर्थिक उतार-चढ़ाव, जलवायु जोखिम, तकनीकी बदलाव और विकास की खाई। BRICS इनसे निपटने का महत्वपूर्ण मंच है।

भारत की रणनीति चार स्तंभों पर टिकी है:
-
Resilience – कृषि, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा और सप्लाई चेन में मजबूती।
-
Innovation – नई तकनीकों, स्टार्टअप्स और MSMEs के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक समस्याओं का समाधान।
-
Cooperation – संवाद, व्यावहारिक सहयोग और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का सम्मान।
-
Sustainability – सभी के लिए विकास सुनिश्चित करना।




















