K Krithivasan कौन हैं? TCS की कहानी और उनका सफर
K Krithivasan TCS के टॉप पर पहुंचने वाले उन नेताओं में से एक हैं जिन्होंने कंपनी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम रोल प्ले किया। 2023 में CEO बने K Krithivasan ने TCS को AI ट्रांसफॉर्मेशन की राह पर मजबूती से खड़ा किया। उनकी लीडरशिप में कंपनी ने बड़े-बड़े डील्स साइन किए, AI रेवेन्यू बढ़ाया और ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद ग्रोथ मेनटेन की।
TCS, भारत की सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी, $30 बिलियन से ज्यादा की रेवेन्यू वाली दिग्गज है। K Krithivasan ने हमेशा जोर दिया कि भारतीय IT सिर्फ कॉस्ट आर्बिट्रेज पर नहीं टिकी है, बल्कि स्किल डेप्थ पर। उनके अनुसार, “हम हर 10 साल में इसकी ऑबिचुअरी लिखते हैं, लेकिन भारतीय IT सेवाएं बहुत रेजिलिएंट साबित हुई हैं।”
ये बात सही है। 90 के दशक में इंटरनेट क्रांति, 2000 में Y2K, फिर क्लाउड – हर बार लोग कहते थे IT खत्म हो जाएगा, लेकिन TCS जैसे ब्रांड्स ने खुद को अपग्रेड किया। K Krithivasan की विजन ठीक यही है – AI को थ्रेट नहीं, ऑपर्चुनिटी मानना।
इंटरव्यू के मुख्य पॉइंट्स: K Krithivasan ने क्या कहा?
13 अप्रैल 2026 को दिए गए इंटरव्यू में K Krithivasan ने कई बड़े सवालों के जवाब दिए। सबसे पहले – “Indian IT will be dead by 2030” वाली अफवाहों पर। उन्होंने साफ कहा, “उल्टा, AI युग में एंटरप्राइजेज को TCS जैसी कंपनियों की और ज्यादा जरूरत पड़ेगी।” AI टेक्नोलॉजी और उसके रियल-वर्ल्ड यूज के बीच गैप बढ़ रहा है। लोग AI टूल्स बना तो रहे हैं, लेकिन उन्हें बिजनेस में लागू करना, लिगेसी सिस्टम्स को मॉडर्नाइज करना – ये सब IT फर्म्स ही कर पाएंगे।
COO ने भी जोड़ा, “GenAI लिगेसी मॉडर्नाइजेशन में बड़ा ऑपर्चुनिटी दे रही है, खासकर मेनफ्रेम जैसे पुराने सिस्टम्स में। AI से टेक डेब्ट कम होगा।”
K Krithivasan ने FY26 के रिजल्ट्स पर भी रोशनी डाली। कंपनी की एनुअल रेवेन्यू में 2.4% की गिरावट आई – 2004 में लिस्टिंग के बाद पहली बार। लेकिन उन्होंने बताया, “Q1 में एक बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम खत्म होने की वजह से गिरावट हुई। उसके बाद तीन क्वार्टर्स में लगातार ग्रोथ। हम FY27 में मोमेंटम के साथ जा रहे हैं।” TCV (Total Contract Value) $40.7 बिलियन पहुंचा – रिकॉर्ड हाई। Q4 में अकेले $12 बिलियन। तीन मेगा डील्स Q4 में साइन हुए।
AI-लेड डील्स की बात करें तो K Krithivasan ने बताया कि ये नॉन-AI डील्स से ज्यादा प्राइस पॉइंट पर आ रही हैं। क्लाइंट्स कॉन्फिडेंस वापस लौट रहा है। गल्फ वॉर के बावजूद डील क्लोजर में कोई डिले नहीं। “कुछ मेगा डील्स पिछले एक महीने में साइन हुईं। क्लाइंट्स AI ट्रांसफॉर्मेशन में इन्वेस्ट करना चाहते हैं।”
AI: थ्रेट नहीं, गेम चेंजर – K Krithivasan का विजन
यहां सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा आता है। कई रिपोर्ट्स कह रही थीं कि AI IT जॉब्स खा जाएगा। लेकिन K Krithivasan ने जोर देकर कहा – “AI प्रोडक्टिविटी बढ़ाएगा, लेकिन जॉब्स नहीं छीनेगा।” कंपनी ने FY26 में 44,000 ट्रेनीज हायर किए – भारत में किसी नॉन-स्टेट ऑर्गनाइजेशन द्वारा सबसे ज्यादा। लेटरल हायरिंग जारी है। अट्रिशन कंट्रोल में है।
उन्होंने कर्मचारियों को AI टूल्स यूज करने के लिए प्रोत्साहित किया, भले ही शॉर्ट-टर्म रेवेन्यू कैनिबलाइज हो। “एग्जिस्टिंग प्रोजेक्ट्स में कुछ डिफ्लेशन होगा, लेकिन हम न्यू प्रोजेक्ट्स से उसे रिप्लेस करेंगे।” कोडिंग असिस्टेंट्स से प्रोडक्टिविटी 15-30% बढ़ गई है।
दोस्तों, सोचिए – AI अगर कोडिंग तेज कर दे, तो डेवलपर्स ज्यादा कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम्स सॉल्व कर पाएंगे। बिजनेस एनालिटिक्स, कस्टमर एक्सपीरियंस, सस्टेनेबिलिटी – सब एरियाज में नए ऑपर्चुनिटीज खुलेंगे। K Krithivasan का मैसेज साफ है: “कैपेबिलिटी पहले, रेवेन्यू बाद में।”
TCS का FY27 आउटलुक: कॉन्फिडेंस और ऑप्टिमिज्म
K Krithivasan ने FY27 को FY26 से बेहतर बताया। ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल इश्यूज (वेस्ट एशिया कांफ्लिक्ट) के बावजूद TCS पर कोई बड़ा असर नहीं। कंपनी का एक्सपोजर लिमिटेड है। ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी वर्टिकल पर इंडायरेक्ट इंपैक्ट हो सकता है, लेकिन “जब तक सिचुएशन कंटेन्ड रहे, कोई बड़ा फॉलआउट नहीं।”
अक्विजिशन्स पर फोकस: Coastal Cloud और ListEngage जैसी डील्स से कैपेबिलिटी बढ़ाई जा रही है। K Krithivasan ने कहा, “हम सिर्फ टॉपलाइन बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि सही स्किल्स और स्पीड के लिए अक्वायर करेंगे।”
AI रेवेन्यू $2.3 बिलियन annualised पार कर चुका है। प्योर-प्ले AI ट्रांसफॉर्मेशन डील्स तेजी से बढ़ रही हैं।
भारतीय IT इंडस्ट्री पर असर: जॉब्स, इकोनॉमी और युवा
K Krithivasan के बयान से लाखों IT प्रोफेशनल्स को राहत मिली। भारत में IT सेक्टर 5 मिलियन से ज्यादा लोगों को रोजगार देता है। AI से प्रोडक्टिविटी बढ़ने पर भी स्किल्ड वर्कफोर्स की डिमांड बनी रहेगी। ट्रेनी प्रोग्राम्स, रिस्किलिंग – TCS जैसे ब्रांड्स इसे बढ़ावा दे रहे हैं।
कल्पना कीजिए: एक बैंक अपना 30 साल पुराना मेनफ्रेम सिस्टम AI से अपग्रेड करवाता है। इसमें डेटा माइग्रेशन, सिक्योरिटी, इंटीग्रेशन – सब IT एक्सपर्ट्स ही हैंडल करेंगे। छोटे स्टार्टअप्स से लेकर फॉर्च्यून 500 कंपनियां – सबको ब्रिज बनाने के लिए TCS जैसी फर्म्स चाहिए।
विस्तृत विश्लेषण: पिछले प्रेडिक्शन्स vs रियलिटी
इतिहास गवाह है। 90 के दशक में इंटरनेट क्रांति आई तो कहा गया सब खत्म। 2000 में Y2K, फिर 2010 में क्लाउड – हर बार लोग कहते थे IT आउटसोर्सिंग खत्म हो जाएगा। लेकिन TCS जैसे ब्रांड्स ने खुद को अपग्रेड किया। K Krithivasan सही कहते हैं – हर बार हमने खुद को रीइन्वेंट किया।
अभी AI पायलट्स में 95% फेल हो रहे हैं। स्केल पर इंप्लीमेंटेशन, डेटा क्वालिटी, एथिक्स – ये चुनौतियां IT सर्विसेज को और रिलेवेंट बनाती हैं।
TCS की स्ट्रैटजी: AI इन ऑपरेशंस और ट्रांसफॉर्मेशन
K Krithivasan और उनकी टीम ने बताया कि AI अब IT ऑप्स में प्रोडक्टिविटी बढ़ा रहा है। क्लाइंट्स को ज्यादा एफिशिएंट सर्विस मिल रही है। बंडल्ड डील्स बढ़ रही हैं – जहां एक ही कॉन्ट्रैक्ट में मल्टीपल सर्विसेज आती हैं।
प्रोडक्टिविटी गेन 15-30% – मतलब क्लाइंट्स को कम खर्च में ज्यादा वैल्यू। लेकिन कंपनी इसे न्यू बिजनेस से बैलेंस कर रही है।
चुनौतियां और रिस्क: क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में IT इंडेक्स 20% गिरा है। लेकिन K Krithivasan का कॉन्फिडेंस दिखाता है कि मोमेंटम वापस आ रहा है। वेस्ट एशिया कांफ्लिक्ट पर नजर रखी जा रही है, लेकिन डायरेक्ट इंपैक्ट जीरो।
अक्विजिशन्स से नए मार्केट्स खुल रहे हैं। सीनियर मैनेजमेंट में कोई बड़े रिजाइनेशन की खबर को K Krithivasan ने खारिज किया।
भारतीय युवाओं के लिए मैसेज
अगर आप IT स्टूडेंट या प्रोफेशनल हैं, तो K Krithivasan का सुझाव – AI स्किल्स सीखो। GenAI टूल्स यूज करो। TCS 25,000 फ्रेशर ऑफर्स पहले ही दे चुकी है। फ्यूचर AI + ह्यूमन इंटेलिजेंस का है।
K Krithivasan का ऑप्टिमिस्टिक विजन
K Krithivasan ने साबित किया कि भारतीय IT उद्योग AI के सामने नहीं झुकेगा, बल्कि उसे लीड करेगा। कंपनियां हमें AI गेंस एक्सेस करने के लिए चाहिए – ये वाक्य इतिहास रचेगा। FY27 बेहतर होगा, डील्स बढ़ेंगी, जॉब्स क्रिएट होंगी।


















